खूब चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
गया : गुरुवार को नगर निगम सभागार में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में खूब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. काम नहीं होने का आरोप लगाकर मेयर, डिप्टी मेयर व स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों पर जम कर भड़ास निकाली. कमेटी के सदस्य अबरार अहमद ने इतना तक कह दिया कि 16 वर्ष के सदस्यता काल में इतना सुस्त नगर आयुक्त नहीं देखा है. इनको काम तो करना नहीं है ऊपर से सभी फाइलों में सिर्फ कमियां खोजना आता है. इस बीच मेयर वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यहां के अधिकारी व कर्मचारी काम से अधिक नेतागिरी करते हैं, अधिकारी व कर्मचारी नेतागिरी छोड़ सिर्फ काम से मतलब रखें.
इतने में नगर आयुक्त जनार्दन अग्रवाल कहते हैं कि जो काम करनेवाला है उसे ही बुला लें. सभी सदस्य हल्ला कर कहने लगे कि अब तक नाले की सफाई शुरू नहीं हुई है. कई वार्डों में समय पर नाले की सफाई नहीं होने के कारण बरसात में जलजमाव की समस्या होगी. मेयर ने कहा कि पिछले बार भी इस कारण से उनके वार्ड में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी थी. बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने नगर आयुक्त पर कई तरह की टिका-टिप्पणी की.
जलापूर्ति की तैयारी पूरा करने का दावा : बैठक में गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था सुव्यवस्थित करने के लिए बेहतर काम करने का जल पर्षद के प्रभारी कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार सिंह ने दावा किया. उन्होंने कहा कि शहर में 80 जगहों पर टैंकर से पानी आपूर्ति करने की व्यवस्था है. शहर के 1067 चापाकल, करीब 40 जलापूर्ति केंद्र, 30 मिनी जलापूर्ति केंद्र व 152 प्याऊ पहले से लगाये गये हैं. मरम्मत में सहयोग करने के लिए 30 बेलदार भी रखे गये हैं. चापाकल बनाने के लिए व जलापूर्ति समस्या की सूचना देने के लिए विभाग में हेल्प लाइन सेंटर बनाया गया है, जिसके टेलीफोन नंबर 0631-2222302 पर कोई भी सूचना दे सकता है. नगर आयुक्त ने कनीय अभियंता को आदेश दिया कि वह वार्डों में खराब पड़े चापाकलों की सूची तैयार कर जल्द सौंपे.
काम कैसे करें बैठने तक की नहीं है जगह : डिप्टी मेयर ने सिटी मैनेजर राजमणि गुप्ता को कहा कि अापने जितना आदमी मांगे आवास योजना को सुचारु रूप से चलाने के लिए दिये गये. इसके बाद भी समय पर काम पूरा नहीं हो रहा है. हर वक्त झूठ का ही सहारा लेते हैं. पहले आप आवास योजना में प्राइवेट कंपनी द्वारा तैनात सहायक अभियंता विकास तिवारी से झगड़ते रहे. अब पता नहीं किससे अपनी लड़ाई साधने के लिए काम में देरी कर रहे हैं. सिटी मैनेजर ने कहा कि विकास शाखा स्थित कार्यालय में बैठने तक की जगह नहीं है.
काम करने में परेशानी हो रही है. एेसे कागजात की जांच की जा रही है. डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने साफ कहा कि पहले 4000 लोगों को आवास योजना देने में किसी कागजात की जांच नहीं की गयी. अापने मनमाने तरीके से लाभुकों का चयन कर योजना का लाभ दिया. खुले में शौच मुक्त बनाने वाली योजना को भी आपने लटका रखा है.
12 वार्डों में बांटे गये 42 हजार डस्टबीन : सफाई प्रभारी शैलेंद्र सिन्हा ने कहा कि निगम क्षेत्र के 12 वार्डों में 42 हजार डस्टबीन अब तक बंट चुके हैं. एक मई से पहले डस्टबीन बांटने व सूखा-गीला कचरा कलेक्शन करने का काम शुरू कर दिया जायेगा. इसके बाद सभी घरों में महिला स्वयं सहायता समूह की पांच-पांच की टोली में महिलाएं जाकर लोगों को समझायेंगी कि सूखा व गीला कचरा को कैसे रखना है. डिप्टी मेयर ने कहा कि गुरुवार को ही प्रभात खबर में आवारा पशुओं से मौत की खबर से नगर निगम के काम पर सवाल उठाये गये हैं. इसके साथ ही सड़क पर गिट्टी-बालू गिराये जाने पर जुर्माना भी नहीं वसूला जा रहा है.
दोनों को आउटसोर्सिंग करने का आदेश पहले दिया गया है. सफाई प्रभारी अपने आप को नगर आयुक्त से भी ऊपर समझते हैं. यह रवैया काम करनेवाला नहीं है. इस पर सफाई प्रभारी ने कहा कि टेंडर निकालने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. एेसे निगम के कर्मचारियों द्वज्ञरा ही आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए शुक्रवार से अभियान चलाया जायेगा.
कई महीनों से बंद हैं दर्जन भर चापाकल
इस पर पार्षद अबरार अहमद व चुन्नू खां ने कहा कि वार्ड में दर्जन भर चापाकल कई महीनों से खराब हैं. बनाने के लिए फोन करते-करते थक गया हूं. कोई सुनने वाला नहीं है. डिप्टी मेयर ने कहा कि वार्ड नंबर 11 में मुरली हिल पहाड़ी पर बनी टंकी जर्जर हो गयी है. इसके गिरने से जान-माल की भारी क्षति हो सकती है. अब तक वार्ड 11 व 38 में टेंडर होने के बाद भी पाइपलाइन का विस्तार नहीं हुआ है. नगर आयुक्त ने कनीय अभियंता को आदेश दिया कि जल्द टंकी ठीक करने का काम पूरा करें. कनीय अभियंता दिनकर प्रसाद ने कहा कि खराब पड़े मोटरों की मरम्मत करायी जाये, ताकि इन सभी का इस्तेमाल किया जा सके.
हर दिन नया आदेश
पार्षद विनोद यादव व संतोष सिंह ने कहा कि नगर आयुक्त हर दिन नये-नये आदेश निकाल रहे हैं. इसके कारण अब तक इस वर्ष की योजनाओं को टेंडर में भी नहीं भेजा जा सका है. डिप्टी मेयर ने कहा कि जल पर्षद के प्रभारी कार्यपालक अभियंता द्वारा फाइनल किये गये टेंडर को नगर आयुक्त ने रद्द कर दिया है. इससे कार्यालय में असहज स्थिति कायम हो गयी है. नगर आयुक्त ने कहा कि पानी की सभी योजनाओं को डूडा के कार्यपालक अभियंता से कराने का आदेश विभाग द्वारा दिया गया है. इस पर डिप्टी मेयर ने कहा कि जल पर्षद के सहायक अभियंता को कार्यपालक अभियंता का प्रभार बोर्ड ने दिया है. अगर यह गलत है, तो इनके द्वारा पिछले वर्ष करोड़ों रुपये की जलापूर्ति योजना को फाइनल कराया गया है. उन सभी योजनाएं को गलत साबित किया जाये.
