गया : एक औजार दोनों दांतों के बीच लगा कर और दूसरे विशेष औजार से सिक्का को गले के निचले हिस्से से धीरे-धीरे निकाला गया. इसमें चिकित्सकों को आधा घंटे से भी अधिक समय लगा.
चिकित्सकों की टीम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज भूषण, निश्चेतक डॉ अवनिश श्रीवास्तव, जेनरल फिजिशियन डॉ प्रभात रंजन, दीप शिखा, सुनील कुमार, राजा मुखर्जी, सोनम व पिंकी शामिल थे. अरनव अभी अस्पताल में इलाजरत है.
