वापस करना पड़ सकता है मकान का किराया

गया: अपने ही घर में कचहरी चला कर सरकार से किराया वसूलनेवाले सरपंचों पर प्रशासन की तिरछी नजर है. उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है. साथ ही किराये के रूप में भुगतान किये गये रुपये भी वापस देने पड़ सकते हैं. यह घोषणा बुधवार को प्रमंडलीय कार्यालय में मगध आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव ने बिहार लोक […]

गया: अपने ही घर में कचहरी चला कर सरकार से किराया वसूलनेवाले सरपंचों पर प्रशासन की तिरछी नजर है. उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है. साथ ही किराये के रूप में भुगतान किये गये रुपये भी वापस देने पड़ सकते हैं.

यह घोषणा बुधवार को प्रमंडलीय कार्यालय में मगध आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत आयी शिकायतों की सुनवाई के दौरान की. कचहरी के किराये से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त ने औरंगाबाद के ओबरा के बीडीओ कुमार शैलेंद्र को आदेश दिया कि ओबरा प्रखंड की करसौव पंचायत की पूर्व सरपंच निर्मला सिंह के ससुर (कासिम गांव के रहनेवाले) नरेश सिंह को कचहरी चलाने के भाड़े के रूप में दिये गये 3,161 रुपये की वसूली की जाये. आयुक्त ने पंचायती राज विभाग के नियमों का उल्लेख करते हुए बताया कि अगर किसी सरपंच, उपसरपंच या पंच द्वारा अपने निजी मकान में कचहरी चलायी जाती है, तो मकान मालिक को किराये का भुगतान नहीं करना है.

नरेश सिंह की शिकायत पर आदेश
ओबरा के बीडीओ कुमार शैलेंद्र ने बताया कि 2006 से 2011 तक नरेश सिंह की बहू निर्मला सिंह करसौव पंचायत की सरपंच रही थीं. सरपंच ने अपने ससुर के मकान में ही कचहरी चलायी व किराये के रूप में उन्हें 3,161 रुपये का भुगतान किया था. बकाया 18,221 रुपये के भुगतान को लेकर नरेश सिंह ने कमिश्नर से शिकायत की थी. इसी मामले की सुनवाई करते हुए कमिश्नर से नरेश सिंह को किराये के रूप में भुगतान किये गये 3,161 रुपये वसूलने का आदेश दिया है.
तीन दिनों में सेविका को करें बरखास्त
डुमरिया प्रखंड के नारायणपुर पंचायत के रामपुर स्थित मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका लंबे समय से अपनी ड्यूटी पर नहीं हैं. इसकी शिकायत रिजवान खां ने आयुक्त से की थी. इस मामले पर आयुक्त ने सीडीपीओ को आदेश दिया कि तीन दिनों के अंदर उक्त सेविका को बरखास्त करने की अनुशंसा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को भेजी जाये.
सिटी एसपी को उपस्थित होने का दिया आदेश
एक आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त ने सिटी एसपी अवकाश कुमार को अगले सप्ताह सुनवाई में मौजूद रहने का आदेश दिया. साथ ही आयुक्त ने यह जानना चाहा कि अगर कांड के आइओ (सब इंस्पेक्टर) पंकज कुमार द्वारा मामले की जांच नहीं की गयी, तो उसके विरुद्ध वरीय अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की गयी ?
सड़क काट कर नाली बनानेवालों पर हो एफआइआर
सड़क काट कर नाली बनानेवालों के विरुद्ध एफआइआर करने का आदेश आयुक्त ने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को नगर निगम क्षेत्र के एक मामले की सुनवाई करते हुए दिया.

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