किसानाें के साथ हुईं घटनाएं प्रायाेजित

सियासत. केंद्रीय सहकारिता व किसान कल्याण राज्यमंत्री ने विपक्ष पर बोला हमला, कहा गैर भाजपा राज्याें में किसान क्याें नहीं कर रहे आत्महत्याएं गया : माेदी फेस्ट कार्यक्रम में शामिल हाेने गया आये केंद्रीय सहकारिता व किसान कल्याण राज्यमंत्री सुदर्शन भगत रविवार काे सर्किट हाउस में पत्रकाराें से रू-ब-रू हुए. उन्हाेंने कहा वह दाे दिवसीय […]

सियासत. केंद्रीय सहकारिता व किसान कल्याण राज्यमंत्री ने विपक्ष पर बोला हमला, कहा

गैर भाजपा राज्याें में किसान क्याें नहीं कर रहे आत्महत्याएं

गया : माेदी फेस्ट कार्यक्रम में शामिल हाेने गया आये केंद्रीय सहकारिता व किसान कल्याण राज्यमंत्री सुदर्शन भगत रविवार काे सर्किट हाउस में पत्रकाराें से रू-ब-रू हुए. उन्हाेंने कहा वह दाे दिवसीय बिहार के दाैरे पर हैं. शनिवार काे भागलपुर में वह माेदी फेस्ट में थे. उन्हाेंने बताया कि वह माेदी सरकार के तीन साल का लेखा-जाेखा जनता के बीच रखने आये हैं. श्री भगत ने कहा कि गरीब, गांव व किसानाें के लिए पीएम ने क्या किया है. काैन-काैन सी विकास व जनाेपयाेगी याेजनाएं चल रही हैं. आदि के बारे में लोगों को बतायेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ेगा व विकसित हाेगा.

यह सरकार ऐसी ही याेजनाआें काे लेकर आगे बढ़ रही है. मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र आदि राज्याें में किसानाें द्वारा की जा रही आत्महत्या व उग्र आंदाेलन के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि भाजपा शासित राज्याें में ही किसानाें के साथ समस्याएं हैं क्या? गैर भाजपा शासित राज्याें में किसान क्याें नहीं आंदाेलन कर रहे हैं. क्याें नहीं आत्महत्याएं कर रहे हैं. यह सब विपक्षियाें द्वारा प्रायाेजित कार्यक्रम है. राजनीतिक साजिश का शिकार बना रहे हैं किसानाें काे. पिछली सरकार की तुलना में माेदी सरकार में देशभर में किसानाें की आत्महत्या का ग्राफ घटा है. इसी अकुलाहट में ऐसी घटनाएं करायी जा रही हैं. उन्हाेंने कहा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री भी उपवास पर हैं.

मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य की सरकारें किसानाें के प्रति संवेदशील हैं. सरकार उत्पादन क्षमता काे डेढ़ से दाेगुना करने के लिए कई कल्याणकारी व जागरूकता के लिए याेजनाएं चला रही हैं. कृषि मंत्रालाय का नाम बदलकर कृषि कल्याण मंत्रालय कर दिया गया. किसानाें काे स्वायल हेल्थ कार्ड दिये जा रहे हैं, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके खेत की मिट्टी काे क्या बीमारी है. उसमें काैन से पाेषक तत्व की कमी है, जिसे पूरा करना है.

किसानों के लिए स्पेशल चैनल : डीडी किसान करके स्पेशल किसान चैनल शुरू किया गया है. इ-बाजार, प्रधानमंत्री फसल बीमा याेजना, कृषि सिंचाई याेजना, के साथ सरकार जल प्रबंधन के लिए पारंपरिक जलस्रोत काे ठीक करने, पशुधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय गाेकुल मिशन के तहत देशी गाय के संरक्षण व संवर्द्धन, नीली क्रांति के तहत मत्स्य पालन व प्राकृतिक आपदा से फसल की पहले 50 प्रतिशत क्षति हाेने पर किसानाें काे मुआवजा दिया जाता था, जिसे माेदी सरकार ने घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया है. इससे अधिक किसानाें काे इसका लाभ मिल सकेगा. परंपरागत व आर्गेनिक खेती से जुड़े किसानाें काे भी लाभ देने की याेजना तायार की गयी है. उत्पादन ज्यादा हाेने पर उसके रख-रखाव व मार्केटिंग की भी प्लानिंग सरकार करने जा रही है. उन्हाेंने कहा कि किसानाें या भी फिर जनता के लाभ से निहित अन्य याेजनाआें के लिए राज्य की सरकार प्राेजेक्ट तैयार कर केंद्र काे भेजेगी ताे मिले आवंटन के अतिरिक्त आवंटन मिलेगा.

इस माैके पर गया के सांसद हरि मांझी, भाजपा जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा, मीडिया प्रभारी युगेश कुमार समेत अन्य माैजूद थे. प्रेसवार्ता के बाद मंत्री आजाद पार्क स्थित माेदी फेस्ट में आयाेजित जनसभा काे संबाेधित करने गये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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