बिहारः मुजफ्फरपुर में डेंगू से एक की मौत, दस नये मरीज मिले, जानिए कहां मिले सबसे अधिक डेंगू के मरीज

मुजफ्फरपुर में डेंगू के दस नये मरीज मिले हैं . इन सभी को एसकेएमसीएच में भर्ती कर इलाज चल रहा है. निजी अस्पतालों में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, उनका ब्लड सैंपल लेकर लैबोरेट्री में एलाइजा जांच के लिए भेजा जा रहा है.

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में डेंगू के बढ रहे मरीजों की संख्या के बीच अब मौत भी होने लगी है. बुधवार को निजी अस्पताल मे डेंगू से पीड़ित मरीज की मौत हो गयी. मृत व्यक्ति मो महताब बसतपुर सरैया का रहने वाला बताया गया है. वह पिछले सात दिनों से अस्पताल में डेंगू का इलाज करा रहा था. सिविल सर्जन उमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि डेंगू से यह जिले में पहली मौत हुई है. इधर एसकेएमसीएच में जांच के दौरान एक ही दिन में दस मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है. वहीं एक मरीज में डेंगू व चिकनगुनिया दोनों मिले हैं.

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ सतीश कुमार ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि लैब से आयी जांच रिपोर्ट में जिले के डेंगू के दस नये मरीज मिले हैं. इन सभी को एसकेएमसीएच में भर्ती कर इलाज जा रहा है. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, उनका ब्लड सैंपल लेकर लैबोरेट्री में एलाइजा जांच के लिए भेजा जा रहा है. डेंगू के मरीज मिलने के साथ ही सभी पीएचसी को अलर्ट किया गया है. जहां मरीज मिल रहे हैं, उनके घर के आसपास एक सौ घरों के इर्द-गिर्द फाॅगिंग करायी जा रही है. इसके साथ ही जलजमाव वाली जगहों पर लार्वा मारने वाली दवा का छिड़काव कराया जा रहा है.

दूसरे राज्यों से घर आये लोगों में मिल रहा डेंगू

जिले में अबतक डेंगू से पीड़ित जो 66 मरीज मिले हैं, वे सभी दूसरे राज्यों से अपने-अपने घर आये हैं. एसकेएमसीएच में जांच के दौरान इनमें डेंगू की पुष्टि हुई है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब इनसे ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी ली, तो डेंगू से पीड़ित लोगों ने बताया कि वे दूसरे राज्यों में काम करते हैं. तबीयत खराब होने पर अपने घर आये हैं. यहां चिकित्सक से दिखाने के बाद जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है.

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में डेंगू के जो मरीज मिले हैं, वे प्रयागराज, हरियाणा, कोलकाता, उज्जैन, गाजियाबाद, मुंबई, कोटा, चडीगढ़, दिल्ली, हैदराबाद और हिसार से आये हैं. 66 मरीजों में से मात्र एक मरीज ऐसा है, जो अहियापुर का स्थानीय बताया गया है. उसकी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है. इसके अलावा पांच ऐसे मरीज हैं, जो अपने काम से पटना गये थे. वहां आने के बाद बुखार लगा और उसमें डेंगू की पुष्टि हुई.

जिला वेक्टरजनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ सतीश कुमार ने कहा कि मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री से पता चल रहा है कि वे जहां काम कर रहे थे, वहीं उन्हें डेंगू हुआ है. स्थानीय स्तर पर एक भी मरीज नहीं मिला है, जिसे घर में डेंगू के मच्छर ने काटा है. इससे साफ है कि जिले में डेंगू के मच्छर नहीं हैं. इसके बावजूद जिले में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, बीमारी फैले नहीं.

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By Rajeshkumar ojha

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