सिंहवाड़ा. स्थानीय थाना क्षेत्र के कटहलिया गांव में बाबा विश्वकर्मा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच तनाव गहरा गया. विसर्जन के लिए रूट को लेकर हुए तनाव की जानकारी मिलते ही एसडीओ, बीडीओ अमरेन्द्र पंडित, एसडीपीओ एसके सुमन, सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार सहित कई थानाें की पुलिस के साथ जिला से बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची. मुखिया रमेश भगत, सरपंच अशोक सहनी, उपसरपंच राशिद मुस्ताक सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए. सभी लोगों से राय के बाद पूर्व के रूट से ही प्रतिमा विसर्जन कराना तय हुआ. इसके साथ ही पुलिस की देखरेख में विसर्जन संपन्न कराया गया. एक पक्ष के लोगों का कहना था कि वर्ष 2012 में भी विसर्जन करने को लेकर दोनों पक्ष के लोगों के बीच तनातनी का माहौल बन गया था. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर गांव में बैठक कर लिखित रूप में इस रूट से मूर्ति विसर्जन नहीं करने पर बात बनी थी. पूर्व में विसर्जन मुजफ्फरपुर के धनवाड़ा होते हुए सिंहवाड़ा के रास्ते किया जाता था. कई बार तो गांव के ही पोखर में विसर्जन किया गया गया, जबकि इस बार पूजा कमेटी और ग्रामीण कठहलिया कटासा मार्ग से सिंहवाड़ा जाने की तैयारी में लगे थे. दूसरी ओर पूजा कमेटी के सदस्य और ग्रामीणों का कहना है कि इस बार गांव के पोखर में पानी नहीं होने के कारण सिंहवाड़ा विसर्जन करने के लिए स्थानीय थाना को लिखित में आवेदन दिया गया था. इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग विसर्जन करने में रुकावट पैदा करने लगे. दोनों पक्षों के बीच बैठक कर मामले को सुलझाया गया है. एहतियातन गांव में पुलिस कैम्प कर रही है. बीएमपी के जवानों ने गांव में फ्लैग मार्च कर दोनों पक्ष के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. एसडीपीओ सदर टू एसके सुमन ने बताया की स्थिति शांतिपूर्ण है.
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