Darbhanga News: संस्कृत काफी उपयोगी एवं व्यावहारिक भाषा

Darbhanga News:अध्यक्ष डॉ शिवानन्द झा ने कहा कि 100 प्रतिशत शुद्ध संस्कृत बोलना कठिन है, फिर भी यह धीरे-धीरे प्रयास से सीखी जा सकती है.

Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि के पीजी संस्कृत विभाग, लोक भाषा प्रचार समिति तथा डॉ प्रभात दास फाउंडेशन की ओर से “पांच दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर ” का समापन विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णकांत झा की अध्यक्षता में हुआ. इसमें दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ शिवानन्द झा ने कहा कि 100 प्रतिशत शुद्ध संस्कृत बोलना कठिन है, फिर भी यह धीरे-धीरे प्रयास से सीखी जा सकती है. सीखने की कोई अवस्था नहीं होती है. संस्कृत को बोलचाल एवं व्यवहार की भाषा बनाया जाना चाहिए. डॉ कृष्णकांत झा ने कहा कि छात्र व्याकरण या शुद्धता पर ध्यान न देते हुए पहले संस्कृत में बोलना सीखें. यदि वे संस्कृत बोलना सीख जाएंगे, तो बाद में शुद्धता स्वत: आ जाएगी. डॉ घनश्याम महतो ने कहा कि संस्कृत काफी उपयोगी एवं व्यावहारिक भाषा है.

संस्कृत से सुरक्षित रहेगी भारतीय सांस्कृतिक विरासत- डॉ चौरसिया

डॉ आरएन चौरसिया ने कहा कि नियमित संस्कृत संभाषण से मस्तिष्क सक्रिय एवं सशक्त होता है. इससे स्मरण शक्ति, एकाग्रता तथा विश्लेषण क्षमता बढ़ती है. साथ ही इससे सदाचार, करुणा एवं सत्यनिष्ठा जैसे गुण विकसित होते हैं. कहा कि संस्कृत से भारतीय सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी. डॉ मोना शर्मा ने कहा कि संस्कृत हमारे जीवन का आधार है. संस्कृत में बोलना लज्जा की नहीं, बल्कि गर्व की बात है. कार्यक्रम में डॉ निसार अहमद ने भी विचार रखे. स्वागत डॉ ममता स्नेही, संचालन अमित कुमार झा तथा धन्यवाद ज्ञापन मुकेश कुमार झा ने किया.

प्रशिक्षुओं को दिया गया प्रतिभागिता प्रमाण पत्रसमारोह में प्रशिक्षु- आकाश अग्रज, अभिषेक कुमार, निशांत कुमार, दयानंद कुमार, लाल बाबू कुमार, दिनेश कुमार भगत, ज्योति कुमारी, कुमकुम कुमारी तथा नीरज कुमार आदि ने संस्कृत भाषा में अपने अनुभवों को साझा किया. प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम में नीरज कुमार ने वैदिक मंगलाचरण तथा कुमकुम कुमारी ने संस्कृत में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >