Darbhanga News: बेनीपुर. नगर परिषद गठन के लगभग एक दशक पूरा होने जा रहा है, लेकिन अभी तक वार्डवार मौजा का सीमांकन नहीं किया जा सका है. इस वजह से लोगों को नगर क्षेत्र के बाहर की जमीन रजिस्ट्री कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नगर परिषद के वार्डों का मौजावार सीमांकन कर भू-निबंधन कार्यालय को सूची उपलब्ध नहीं कराये जाने से नगर से बाहर की जमीनों की भी रजिस्ट्री से पूर्व क्रेताओं को नप कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना पड़ता है. इसे निर्गत कराने में भूमि क्रेताओं को नगर कार्यालय पसीना छुड़ा रहा है. लोगों ने बताया कि इसके लिए लोगों को कई दिनों तक नप कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. वहीं नप से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लेने वाले क्रेताओं को दो फीसदी अधिक लगान निबंधन कार्यालय में जमा करना पड़ता है. नियमानुसार नगर क्षेत्र में पड़ने वाले मौजा के खाता-खेसरा निबंधन में पक्षकार को दो प्रतिशत अधिक राजस्व जमा करना पड़ता है. यह नियम नगर परिषद के अस्तित्व में आते ही लागू हो गया है. लाेगों का कहना है कि नगर परिषद की सही सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के कुछ मौजे सीमावर्ती क्षेत्र में होने के कारण निबंधन कार्यालय दो प्रतिशत अधिक राजस्व वसूल कर रहा है. इससे बचने के लिए लोगों को नप कार्यालय से अनापति प्रमाण पत्र लेने का प्रावधान कर दिया गया है.
खेसरा पंजी उपलब्ध कराने का अनुरोध
इसे लेकर बिहार दस्तावेज नवीस संघ शाखा बहेड़ा के शाखा सचिव गुणानंद झा ने भू-अवर निबंधन पदाधिकारी बहेड़ा को पत्र लिखकर नप क्षेत्र के 29 वार्डों के मौजा वा खेसरावार सीमांकन कराते हुए खेसरा पंजी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि पक्षकारों को भूमि निबंध कार्य में नगर कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े तथा सरकार की राजस्व की भी किसी प्रकार का क्षति न हो. साथ ही जमीन की रजिस्ट्री में किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.निबंधन पदाधिकारी फिर से करेंगे स्मारित
इस संबंध में भूमि निबंधन पदाधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद दूबे ने कहा कि इसे लेकर कई बार नगर परिषद को लिखा गया है, परंतु वहां से इस दिशा में किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है. इस कारण क्रेता-विक्रेताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके लिए नगर प्रशासन को पुनः स्मारित किया जा रहा है.कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद की ओर से वार्ड सीमांकन का कार्य चल रहा है. इस साल के अंत तक नगर परिषद का नजरी नक्शा बन कर पोर्टर पर अपलोड कर दिया जायेगा. उसके बाद इस समस्या का स्वत: निदान हो जायेगा.– कुमार संभव, योजना पदाधिकारी, नगर परिषद
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