Biraul Road Corruption: जिले के बिरौल प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत बनी सड़कें रख-रखाव के अभाव में बदहाली के आंसू रो रही हैं. कटैया से भदरपट्टी तक बनी 1.750 किलोमीटर लंबी सड़क सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण बन चुकी है. 114.54 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क की कंक्रीट उखड़ चुकी है और पूरी सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है.
कागजों में सिमटा 10 लाख का मेंटेनेंस फंड
सूचना पट्ट के अनुसार पैकेज एसबीडी 2020-21 के तहत सड़क का निर्माण 17 अगस्त 2020 को शुरू होकर 16 अगस्त 2021 को पूरा हुआ था. बोर्ड पर 5 वर्षों तक नियमित रख-रखाव के लिए 10.17 लाख रुपये का स्पष्ट आवंटन दर्ज है. संवेदक भीम यादव और ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बिरौल की मिलीभगत से निर्माण के बाद से आज तक एक बार भी पैचवर्क या मरम्मत नहीं कराई गई.
सड़क की बदहाली से उपजी मुख्य समस्याएं
- गड्ढों में तब्दील मार्ग: सड़क से अलकतरा और कंक्रीट गायब हो चुके हैं, जिससे दरारें और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं.
- झाड़ियों का कब्जा: सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियों और पेड़-पौधों की छंटाई न होने से रास्ता संकरा हो गया है.
- हादसों का डर: स्थानीय किसान महावीर मुखिया के अनुसार फसल लदे ट्रैक्टर पलटने का खतरा बना रहता है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों व मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
- सीधे भ्रष्टाचार का आरोप: ग्रामीण अजय मुखिया ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस का पैसा धरातल पर उतरे बिना कागजों में ही हजम कर लिया गया.
जांच का भरोसा, ग्रामीणों की आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और विभाग के वरीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है. मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन व चक्का जाम की चेतावनी दी गई है. इधर, नए कार्यपालक अभियंता विनय कुमार ने बताया कि मामले की स्थलीय जांच कराकर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी.
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