1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. darbhanga
  5. irregularity noticed in teacher appointment 39 teachers promoted in graduate grades wrongly canceled asj

शिक्षक नियोजन में सामने आयी अनियमितता, गलत तरीके से स्नातक ग्रेड में प्रोन्नत 39 शिक्षकों का प्रमोशन रद्द

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
प्राथमिक शिक्षक
प्राथमिक शिक्षक
फाइल

बेनीपुर. शिक्षक नियोजन में बरती गयी अनियमितता को लेकर सुर्खियों में रहे बेनीपुर व अलीनगर प्रखंड नियोजन इकाई पर शिक्षकों को स्नातक आधार पर दी जाने वाली प्रोन्नति को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहा है.

जानकारी के अनुसार तीन अक्तूबर 2018 को बेनीपुर व अलीनगर प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई द्वारा तीन दर्जन से अधिक स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों को प्रोन्नति देते हुए विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित कर उन्हें स्नातक वेतनमान देना प्रारंभ कर दिया.

उस समय से ही सभी बीइओ कार्यालय द्वारा निर्धारित विद्यालयों में योगदान देकर स्नातक वेतनमान उठा रहे हैं.

इधर जिला स्थापना के डीपीओ ने पांच फरवरी को पत्रांक 363 द्वारा पत्र जारी कर पदोन्नति को अवैध करार देते हुए उन्हें रद्द कर सभी शिक्षकों को अपने मूल विद्यालय में योगदान देने का आदेश जारी कर दिया. साथ ही बीइओ से इनके द्वारा आज तक लिये गये वेतन वृद्धि का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि इन शिक्षकों से राशि वसूल की जा सके.

डीपीओ के आदेश ने ऐसे शिक्षकों की बेचैनी बढ़ा दी है. हालांकि शिक्षकों ने आज तक अपने मूल विद्यालय में योगदान नहीं कर उच्चाधिकारी के आदेश को धत्ता बताते हुए उसी विद्यालय में जमे हुए हैं.

इस संबंध में पूछने पर स्थापना के डीपीओ विजय कुमार भगत ने कहा कि शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 के निर्देश के अनुपालन किए बगैर अलीनगर में आठ तथा बेनीपुर में 31 शिक्षकों को स्नातक वेतन पर प्रोन्नति देते हुए अन्य विद्यालयों में पदस्थापित किया गया था. इसपर शिक्षक संघ गोप गुट के सदस्यों द्वारा आपति जतायी गयी थी.

जारी आदेश के आलोक में अलीनगर के शिक्षक अपने मूल विद्यालय में योगदान कर लिए हैं, परंतु बेनीपुर के शिक्षक आज तक उसका लाभ लेते हुए उसी विद्यालय में जमे हुए हैं. इस संबंध में बीइओ को विवरण भेजने के लिए पत्र जारी किया गया है, ताकि ऐसे शिक्षकों द्वारा ली गयी राशि वापस ली जा सके.

वहीं बीइओ इंदु सिन्हा ने बताया कि अभी तक एक भी शिक्षक ने अपने मूल विद्यालय में योगदान नहीं किया है. इनमें से कई शिक्षक मैट्रिक परीक्षा के वीक्षण कार्य में लगे हुए हैं. वैसे इन शिक्षकों के बढ़े हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है.

Posted by Ashish Jha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें