Darbhanga News: जिले के जाले प्रखंड क्षेत्र में मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की कमर तोड़ दी है. लगातार हो रही बारिश और खेतों में जलजमाव की स्थिति से किसानों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ने लगा है. विशेष रूप से गरमा मूंग की फसल को लेकर किसान काफी आशंकित हैं. बारिश के कारण फसल के गलने और नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है.
गेहूं के बाद अब मूंग पर भी मार
रतनपुर गांव के किसान धर्मेंद्र कुमार, विजय दास और राजा सहनी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि इस वर्ष प्रकृति किसानों के साथ आंख-मिचौली खेल रही है. पहले रबी के मौसम में बारिश के कारण गेहूं की बुआई में देरी हुई, जिससे उत्पादन प्रभावित रहा. अब जब गेहूं की कटनी के बाद किसानों ने मूंग की फसल से उम्मीदें लगा रखी थीं, तो वैशाख और ज्येष्ठ के महीने में हो रही बेमौसम बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया है.
नष्ट होने की कगार पर फसल
किसानों का कहना है कि मूंग की फसल के लिए अधिक पानी घातक होता है. यदि इसी तरह लगातार बारिश जारी रही, तो खेतों में पानी जमा होने से पौधे सड़ जाएंगे और पूरी फसल नष्ट हो जाएगी. मूंग की खेती में बीज और मेहनत का जो खर्च हुआ है, उसकी भरपाई करना अब मुश्किल लग रहा है. प्रखंड के अन्य गांवों के किसान भी मौसम के इस बदले मिजाज से सहमे हुए हैं और सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
दरभंगा से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट
