सत्य के समान कोई धर्म नहींबेनीपुर. सत्य वचन के समान कोई धर्म नहीं होता है. सत्य भाषण, सत्य कर्म और सदाचरण ही धर्म के स्वरूप है. उक्त बातें बुधवार को बेनीपुर में चल रहे संतमत सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कुप्पाघाट के संत कमलानंदजी महाराज ने कहा. उन्होंने कहा कि वेद, वायबिल और कुराण सभी ग्रंथों में एक ही ब्रहृम वा खुदा की उपासना पर जोड़ दिया गया है. जिसमें झूठ, चोरी, नश, हिंसा और व्यभिचार को निषेध माना गया है. इससे मुक्त रहकर ही सभ्य समाज की स्थापना हो सकती है तथा अमन चैन की वंशी बज सकती है. प्रवचन के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखा. आयोजक श्याम चंद्र साहु द्वारा आगत श्रद्धालुओं को रहने एवं भंडारा का व्यापक इंतजाम किया गया है.
सत्य के समान कोई धर्म नहीं
सत्य के समान कोई धर्म नहींबेनीपुर. सत्य वचन के समान कोई धर्म नहीं होता है. सत्य भाषण, सत्य कर्म और सदाचरण ही धर्म के स्वरूप है. उक्त बातें बुधवार को बेनीपुर में चल रहे संतमत सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कुप्पाघाट के संत कमलानंदजी महाराज ने कहा. उन्होंने कहा कि वेद, वायबिल […]
