जो सत्य है उसे निर्भीक होकर कहें : प्राचार्य कमतौल. राम औतार गौतम संस्कृत महाविद्यालय अहल्यास्थान में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद के जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. एनएसएस के तहत आयोजित कार्यक्र म की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. भगलू झा ने अपने उद्बोधन में युगपुरूष स्वामी जी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहना चाहिए. उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान नहीं देना चाहिए. दुर्बलता को कभी प्रश्रय नही देना चाहिए. ज्ञान स्वयमेव वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है. जो उद्यम करते रहेंगे, आज या कल सफलता उनके कदम चूमेंगी. इसलिए परिश्रम करते रहना चाहिए. आज स्वामी जी के विचारों का अनुशरण करने का वक्त आ गया है. उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से कहा की काम कंचन के चक्कर में अपने आपको स्थिर रखना और अपने आदशार्ें पर जमे रहना तब तक जबतक की आत्मज्ञान और पूर्ण त्याग के सांचे में शिष्य न ढल जाय, निश्चय ही कठिन काम है. परन्तु जो प्रतीक्षा करता है, उसे सब चीजें मिलती है. इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी तथा स्वयंसेवक उपस्थित थे. गोष्ठी के समापन पर डॉ. निहार रंजन सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापित किया.
जो सत्य है उसे नर्भिीक होकर कहें : प्राचार्य
जो सत्य है उसे निर्भीक होकर कहें : प्राचार्य कमतौल. राम औतार गौतम संस्कृत महाविद्यालय अहल्यास्थान में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद के जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. एनएसएस के तहत आयोजित कार्यक्र म की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. भगलू झा ने अपने उद्बोधन में युगपुरूष स्वामी जी के विचारों से अवगत […]
