पैक्सों ने नहीं शुरू की धान की खरीद \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो :15परिचय : बाजार में आ रहे गांव से धान बिरौल : प्रखंड में धानअधिप्राप्ति अब तक शुरू नहीं हो सका है. इससे जहां किसान परेशान हैं वहीं वे कालाबाजिरयों के हाथ औने पौने दाम में धान बेचने को विवश हैं. इससे धान उत्पादक किसानों में रोष भी देखा जा रहा है. बता दें कि पिछले 5 दिसंबर से धान अधिप्राप्ति के लिए रोस्टर का प्रकाशन भी स्थानीय प्रशासन के द्वारा कर दिया गया है. लेकिन धान की अधिप्राप्ति अब तक शून्य है. ट्रैक्टर पर लदे काफी संख्या में धान बाजार में देखे जा रहे हैं. जो औने पौने दाम में बेचने के लिए किसानों के द्वारा लाये गये हैं. भवानीपुर के किसान बाबू नारायण झा,अरूण कुमार चौधरी, राम सगुन झा ,हाटी गांव के कुशेश्वर मिश्र सहित दर्जनों किसानो ने बताया कि पिछले साल भी औने पौने दामों में ही धान बेचना पड़ा था. इस बार भी लगता है कि बाजार को ही देना पड़ेगा. मालूम हो कि अनुमंडल क्षेत्र के एक भी पैक्स में धान अधिप्राप्ति शुरू नहीं हुई है. इससे किसानो को 7 सौ रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कालाबाजारियों के हाथों धान बेचना पड़ रहा है. रबी फसल में होने वाले खर्च को लेकर भी किसान चिंतित हैं. किसी तरह जुताई कर बुआई तो कर ली है अब उन्हें सिंचाई एवं खाद आदि की चिंता सताने लगी है. इसलिए मजबूरीवश किसान धान बाजार में कम दाम में धान बेचने को विवश हैं.इधर बीडीओ रजत किशोर सिंह ने बताया कि कुछ व्यापारियों के द्वारा गलत अफवाह फैलायी गयी है कि सरकार इस साल धान की खरीदारी नहीं करेगी. जबकि यह पूरी तरह से अफवाह है. किसानों की धान खरीदी जायेगी. सभी पैक्सों को धान खरीद का निर्देश दिया जा चुका है. किसान अपना धान पैक्स में जाकर बेचें. पैक्स धान खरीदेगी. उन्होंने यह भी कहा कालाबाजारियों के खिलाफ भी छापामारी अभियान चलाया जायेगा.
पैक्सों ने नहीं शुरू की धान की खरीद
पैक्सों ने नहीं शुरू की धान की खरीद \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो :15परिचय : बाजार में आ रहे गांव से धान बिरौल : प्रखंड में धानअधिप्राप्ति अब तक शुरू नहीं हो सका है. इससे जहां किसान परेशान हैं वहीं वे कालाबाजिरयों के हाथ औने पौने दाम में धान बेचने को विवश हैं. इससे धान उत्पादक किसानों में रोष […]
