\\\\टं३३ी१त्र/ू/रतनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच जरुरी

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रतनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच जरुरी \\\\टं३३ी१त्र/रप्रजापिता ब्रह्मकुमारीज का राजभोग मेडिटेशन शिविर का तीसरा दिनफोटो- 21 व 22परिचय- मंचस्थ प्रजापिता ब्रह्मकुमारी क ी कंचन बहन व कृष्ण-राधा के रुप में बच्चे एवं उपस्थित लोगदरभ्ंागा : तनावमुक्त जीवन जीने के लिए इंसान केा अपने विचार सकारात्मक बनाने होंगे. प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से […]

\\\\टं३३ी१त्र/ू/रतनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच जरुरी \\\\टं३३ी१त्र/रप्रजापिता ब्रह्मकुमारीज का राजभोग मेडिटेशन शिविर का तीसरा दिनफोटो- 21 व 22परिचय- मंचस्थ प्रजापिता ब्रह्मकुमारी क ी कंचन बहन व कृष्ण-राधा के रुप में बच्चे एवं उपस्थित लोगदरभ्ंागा : तनावमुक्त जीवन जीने के लिए इंसान केा अपने विचार सकारात्मक बनाने होंगे. प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से राजभोग मेडिटेशन शिविर एवं श्रीमद्भागवत गीता के सत्य सार कार्यक्रम में तीसरे दिन कंचल बहन ने यह बातें कही. मंगलवार को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारा मन एक ‘लॉकर’ की तरह है. जिसमें हमने व्यर्थ के अवसाद व अनावश्यक विचारों क ो संजो रखा है. हमें अपने में क्षमाभाव को विकसित करने की जरुरत है. उन्होंने संध्या सत्र मंे गीता के आध्यात्मिक रहस्य को विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि आत्मा को तमो प्रधान से सर्वो प्रधान बनाना भगवान का कार्य है. संध्या सत्र मंे श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रही. गीता रहस्य सुनने मंे महिलाओं की अधिक रुचि रही. कार्यक्रम की अध्यक्षता रानी दीदी ने की. कार्यक्रम में अजय भवानी के गु्रप में भजनों की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में आरती बहन, सीमा पंसारी ने कंचन बहन को सम्मानित किया.

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