45वां गीता जयंती सत्संग समारोह का उद्घाटनदरभंगा. काशी के संत सुब्रहृमण्यम स्वामी ने कहा है कि धर्म वह सिद्धांत है जिसपर समूचा संसार टिका है. गीता का ज्ञान मनुष्य को विवेकशील बनाता है और अच्छे-बुरे में भेद करने का भाव जगाता है. यह बातें स्वामी ने सोमवार को 45वें गीता जयंती सत्संग समारोह का शुभारंभ करते हुए कही. अपने प्रवचन में उन्होंने गीता के प्रथम अध्याय के प्रथम श्लोक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार का मूल आधार धर्म ही है. पूरी दुनिया धर्म पर ही टिकी है और चल रही है. लहेरियासराय स्थित चट्टी चौक के समीप चैती दुर्गा पूजा स्थल पर आयोजित श्री श्री 108 गीता जयंती सत्संग समारोह के आयोजन में कोलकाता के प्रज्ञानंदजी महाराज, जगदगुरु विष्णुदेवाचार्य, रामायणी आदि इस सत्संग समारोह में हिस्सा ले रही हैं. समारोह में राजू, गौरांग ने भजन गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में समारोह के अध्यक्ष आचार्य मुनींद्र मिश्र, रामनारायण मिश्र, विघ्नेशचंद्र झा, मिथिलानंद मिश्र, सोनू चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया.
45वां गीता जयंती सत्संग समारोह का उद्घाटन
45वां गीता जयंती सत्संग समारोह का उद्घाटनदरभंगा. काशी के संत सुब्रहृमण्यम स्वामी ने कहा है कि धर्म वह सिद्धांत है जिसपर समूचा संसार टिका है. गीता का ज्ञान मनुष्य को विवेकशील बनाता है और अच्छे-बुरे में भेद करने का भाव जगाता है. यह बातें स्वामी ने सोमवार को 45वें गीता जयंती सत्संग समारोह का शुभारंभ […]
