सलामत रही प्रखंड प्रमुख की कुर्सी

सलामत रही प्रखंड प्रमुख की कुर्सीकोरम नहीं हुआ पूरा, प्रस्ताव खारिजहाईकोर्ट के आदेश पर बुलायी गयी थी बैठकफोटो- 7 व 8परिचय- माला पहन बाहर आती प्रमुख चंद्रावती देवी एवं कोर्ट के आदेश पर बुलायी गयी बैठक में एक भी सदस्य उपस्थित नहींबहादुरपुर, दरभंगा : प्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी की कु र्सी आखिरकार सलामत रह गयी. […]

सलामत रही प्रखंड प्रमुख की कुर्सीकोरम नहीं हुआ पूरा, प्रस्ताव खारिजहाईकोर्ट के आदेश पर बुलायी गयी थी बैठकफोटो- 7 व 8परिचय- माला पहन बाहर आती प्रमुख चंद्रावती देवी एवं कोर्ट के आदेश पर बुलायी गयी बैठक में एक भी सदस्य उपस्थित नहींबहादुरपुर, दरभंगा : प्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी की कु र्सी आखिरकार सलामत रह गयी. विक्षुब्धों के द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. इसको लेकर हुई विशेष बैठक में मतदान की नौबत तक नहीं आयी. जबकि चुनाव के पूर्व आचार संहिता की अवधि में 18 मतों के अंतर से वे विश्वास मत खो चुकी थी. राजनीतिक प्रेक्षक इसे सूबे के चुनाव के बाद बदले समीकरण का परिणाम मान रहे हैं.प्रखंड मुख्यालय स्थित जनप्रतिनिधि भवन में बुधवार को विशेष बैठक बुलायी गयी. उप प्रमुख त्रिभुवन झा की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें विक्षुब्ध खेमें के केवल दो पंचायत समिति ही उपस्थित हो सके. जिसमें बहादुरपुर देकुली पंचायत के समिति सदस्य लक्ष्मी पासवान व मनियारी पंचायत के सदस्य सुशीला देवी विपक्ष में मतदान करने के लिए सदन में पहुंची. परंतु कोरम पूरा नहीं होने के कारण लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. विक्षुब्ध पंसस लक्ष्मी पासवान ने अध्यक्ष व सदन में कहा अविश्वास प्रस्ताव पर कुल 19 पंसस ने हस्ताक्षर किये थे, लेकिन सदन में दो पंस को छोड़कर अन्य नहीं पहंंचे. यह एक मजाक बन कर रह गया है. अध्यक्ष के द्वारा विधिवत बैठक की समाप्ति के बाद दो पंचायत समिति सदस्य पहुंचे, जिसमें तारालाही के गोपी रमण यादवतथा दिलावरपुर के शिवनारायण पासवान शामिल है.कोर्ट के आदेश से पलटा निर्णयप्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी के विरुद्ध 32 पंसस में से 19 पंचायत समिति सदस्यों ने 31 अगस्त 2015 को अविश्वास प्रस्ताव लाया था. जिसके आलोक मेंं 18 सितंबर को विशेष बैठक बुलायी गयी. इसमें प्रमुख के खिलाफ 18 पंसस ने मतदान किया था. सदन ने अविश्वास प्रस्ताव को पारित कर दिया था. प्रमुख चंद्रावती देवी ने अविश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक करार देते हुए हाईकोर्ट की शरण में चली गयी. विक्षुब्ध खेमा के पूर्व प्रमुख विजया लक्ष्मी देवी भी हाईकोर्ट पहुंच गयी. उच्च न्यायालय ने 4 नवंबर को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रमुख के दलील को खारिज करते हुए पुन: विशेष बैठक बुलाने का निर्देश दिया. हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में बुधवार को विशेष बैठक बुलायी गयी. अविश्वास प्रस्ताव के समय 19 सदस्यों ने लगाया आरोपप्रमुख चंद्रावती देवी के खिलाफ 31 अगस्त 2015 को 19 समिति सदस्यों ने कई आरोप लगाया था. लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव के अभ्यावेदन में हस्ताक्षर किया था. जिसमें विजयलक्ष्मी देवी, गोपीरमण यादव, शिवनारायण पासवान, नीलू देवी, विमली देवी, लक्ष्मी पासवान, मंटुन कुमार, बिरजू मुखिया, रामकृष्ण यादव, प्रमिला देवी, पचिया देवी, सुशीला देवी, अनीता राय, इंद्रावती देवी ने प्रमुख के विरुद्ध आरोप लगाते हुए अभ्यावेदन सौंपा था. उप प्रमुख त्रिभुवन झा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार विशेष बैठक बुलायी गयी थी. जिसमें विक्षुब्ध खेमा के दो सदस्य ही उपस्थित हो सके. कोरम पूरा नहीं होने के कारण लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया.प्रमुख चंद्रावती देवी ने कहा पूर्व में 8 वर्षों से प्रमुख थी. इसलिए सभी पंचायत समितिसदस्य पुन: हमें ही चुना है. इसके लिए मैं सभी पंसस को हार्दिक बधाई देती हूं. साथ ही पूर्व के तरह ही प्रखंडको विकास कार्य करती रहूंगी. बैठक में डीआरडीए के निदेशक निसार अहमद, बीडीओ अविनाश कुमार, उप प्रमुख त्रिभुवन झा, बीएओ चुल्हन राम, सांख्यिकी पदाधिकारी, जीपीएस रामलखन सहनी सहित सशस्त्र पुलिस बल मौजूद थे.

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