इंदिरा आवास के लाभुकों की दूसरी कस्ति के भुगतान पर ग्रहण

इंदिरा आवास के लाभुकों की दूसरी किस्त के भुगतान पर ग्रहणसदर, दरभंगा : इंदिरा आवास के लाभार्थियों के दूसरी किस्त के भुगतान पर ग्रहण सा लग चुका है. लाभार्थियों को पांच वर्ष पूर्व मिला इस योजना के लाभ के पश्चात आजतक उसे द्वितीय किस्त का भुगतान नहीं हो पाया है. लाभुक अपने प्रथत किस्त के […]

इंदिरा आवास के लाभुकों की दूसरी किस्त के भुगतान पर ग्रहणसदर, दरभंगा : इंदिरा आवास के लाभार्थियों के दूसरी किस्त के भुगतान पर ग्रहण सा लग चुका है. लाभार्थियों को पांच वर्ष पूर्व मिला इस योजना के लाभ के पश्चात आजतक उसे द्वितीय किस्त का भुगतान नहीं हो पाया है. लाभुक अपने प्रथत किस्त के रुपये मिलने के बाद जैसे तैसे दीवाल तो खड़ा कर दिये, लेकिन इतने दिनों बाद भी उसे पूरा नहीं कर पाये हैं. अभी भी वे अपना शेष बचे पैस मिलने की राह देख रहे हैं. वर्ष 2011 में इन्हें अपना आशियाना बनाने के लिए 45 हजार रुपये इंदिरा आवास योजना से स्वीकृ त हुए थे. पहली किस्त के लिये 30 हजार रुपया शीघ्र उपलब्ध हो गया लेकिन बचे 15 हजार रुपये अभी भी नहीं मिल पाया है. हालांकि भुगतान के लिए कई लाभार्थी कई -कई बार प्रयास भी कर चुके हैं. वे कराये गये निर्माण कार्य की फोटो खींचकर आवेदन के साथ जमा भी कर चुके हैं. लेकिन किसी न किसी तरह से उस आवेदन पर ग्रहण लगता आया है. महिला लाभार्थियों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय पहुंचने में आर्थिक परेशानी अधिक होती है. महिला होने के नाते किसी न किसी को साथ में लेकर जाना पड़ता है. परेशानी के कारण पंचायत कि संबंधित इंदिरा आवास सहायक को अपना आवेदन जमा कर देते हैं. शहवाजपुर की रामपरी देवी, अनीता देवी, प्रमिला देवी व रुणा देवी आदि ने तो अपना आशियाना होने का सपना टूटता नजर आने की बात कहती है. उनका कहना है कि बीच मेें इंदिरा आवास सहायक ही रोड़े अटकाने का काम कर रहा है. आगे क्या होगा यह तो भगवान ही जाने. इधर बीडीओ गंगासागर सिंह ने रोज 20-25 लाभार्थियों के द्वितीय किस्त भुगतान का दावा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके लिए आरटीपीएस काउंटर की तरह ही व्यवस्था की गयी है. लाभार्थियों द्वारा काउंंटर पर आवेदन जमा करने के बाद रजिस्टर में दर्ज किया जाता है. आवेदन की जांचकर चेक उसके बैंक खाते में भेज दिया जाता है. उनका कहना है कि लाभार्थी स्वयं अपना आवेदन आरटीपीएस काउंटर पर जमा करें. वे अपनी कागजात किसी भी कर्मचारी को नहीं दें. कठिनाई नहीं होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >