Darbhanga News: मिथिला विश्वविद्यालय में शोध पर्यवेक्षक बनने के लिए 400 प्राध्यापकों ने दिखायी अभिरुचि

Darbhanga News:400 प्राध्यापकों ने शोध पर्यवेक्षक बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है.

Darbhanga News: प्रवीण कुमार चौधरी, दरभंगा. लनामिवि की ओर शोध पर्यवेक्षक बनने के इच्छुक प्राध्यापकों से आवेदन लेने की तिथि 18 दिसंबर को समाप्त हो गयी. 400 प्राध्यापकों ने शोध पर्यवेक्षक बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है. इससे पहले आवेदन के लिए 13 दिसंबर तक का समय दिया गया था. उस समय तक करीब 250 प्राध्यापकों ने आवेदन किया था. इस तरह दोबारा मौका मिलने पर करीब 150 प्राध्यापकों ने आवेदन किया है. परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा ने इसकी पुष्टि की है. बताया कि प्राध्यापकों से प्राप्त आवेदनों की अर्हता, वैधता एवं रिक्ति आदि की जांच के लिए विषयवार संबंधित सभी विभागाध्यक्षों के यहां आवेदनों को भेजा जा रहा है. विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गयी है कि वे विभागीय शोध परिषद के माध्यम से सभी बिंदुओं पर जांच कर यूजीसी रेगुलेशन के आलोक में राजभवन द्वारा अधिसूचित परिनियम के तहत वैध शोध पर्यवेक्षकों की सूची एवं रिक्तियां जल्द से जल्द उपलब्ध करायें, ताकि जनवरी में पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पीएटी) 2023 व 2024 का आयोजन किया जा सके.

सभी आवेदन स्वीकृत हुए तो होगी पीएचडी के लिए 1246 रिक्ति

बताया जाता है कि प्राप्त सभी आवेदन की अर्हता वैध होगी तथा रिक्तियों की संख्या सही हो, तो पीएचडी के लिए कुल 1246 रिक्तियां बनती है. परंपरा के अनुसार विवि पूर्व में कुल रिक्तियों का एक तिहाई ही जारी करता रहा है. परंपरा को इस वर्ष भी अपनाया जाता है, तो 415 रिक्तियां पीएटी के लिए बनेगी.

विश्वविद्यालय में होगा अंतिम पीएटी का आयोजन

बताया जाता है कि यूजीसी के दिशा-निर्देश के तहत विवि अपने स्तर से अंतिम बार पीएटी आयोजित करने जा रहा है. इस बार साल 2023 एवं 2024 यानी दो सत्र का पीएटी होगा. इसलिए वैध पाये जाने वाले विषयवार सभी शोध पर्यवेक्षक के अधीन अधिक से अधिक सीट को इस वार उपयोग में लाया जा सकता है.

विश्वविद्यालय में तीन हजार प्राध्यापक कार्यरत

लनामिवि के अधीन दो दर्जन विषयों में पीजी की पढ़ाई होती है. 22 पीजी विभाग सहित 12 पीजी अध्ययन वाले कालेज हैं. इसके अलावा डिग्री स्तरीय 31 अंगीभूत एवं 37 संबद्ध कालेजों में तीन हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं.

विषय- आवेदक- रिक्ति

एआइएच- 03-12

वनस्पति विज्ञान- 10-28

रसायन विज्ञान- 10-31वाणिज्य व प्रबंधन- 09-27

अर्थशास्त्र- 27-74शिक्षा- 65-210

अंग्रेजी- 14-57भूगोल- 10-30

हिंदी- 41-141इतिहास- 31-95

गृहविज्ञान- 04-13मैथिली- 29-87

गणित- 24-81संगीत- 05-19

पर्शियन व उर्दू- 22-80दर्शनशास्त्र -14-49

भौतिकी- 11-28राजनीति विज्ञान- 12-25

मनोविज्ञान- 35-96संस्कृत- 07-14

समाजशास्त्र- 06-15जंतुविज्ञान- 11-34

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By Prabhat Khabar News Desk

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