हरियाली यात्रा : मौसम के अनुकूल फसल चक्र पर शुरू हो गया है काम : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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दरभंगा/समस्तीपुर/मधुबनी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है व इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
मुख्यमंत्री गुरुवार को दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड की तरौनी पंचायत के मुर्तुजापुर गांव में जल-जीवन-हरियाली जागरूकता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले उन्होंने समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड के रामापुर महेशपुर, मधुबनी के राजनगर प्रखंड के सिमरी गांव और दरभंगा के बेनीपुर प्रखंड के बाराटोल गांव में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये गये कामों का निरीक्षण किया.
जागरूकता सम्मेलन में नीतीश कुमार कहा कि हम कृषि रोड मैप पर पहले से ही काम कर रहे हैं. प्रदेश की 89% आबादी गांवों में निवास करती है. इसमें 76% लोग कृषि पर आश्रित हैं. मौसम में बदलाव आ गया है. इसलिए जलवायु में आये परिवर्तन फसल चक्र होना चाहिए. इसके लिए आठ जिलों में प्रयोग के तौर पर काम शुरू कर रहे हैं.
इसके लिए चार संस्थान को लगाया गया है. समस्तीपुर के पूसा स्थित मौर्या इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशिया के अंग, राजेंद्र कृषि केंद्रीय विवि पूसा, बिहार विवि सबौर और आइसीआर के क्षेत्रीय केंद्र पटना ने इस पर काम शुरू कर दिया है. ऐसा फसल चक्र बनाना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पंजाब-हरियाणा में फसल अवशेष जलाये जाते थे. पता नहीं कैसे यह वहां से निकलकर प्रदेश तक पहुंच गया. यह पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है.
जलवायु प्रदूषण के साथ ही यह खेत की उर्वरता भी खत्म कर देता है. फसल अवशेष को जलाने की सलाह देनेवाले पर्यावरण के दुश्मन हैं. इसे किसी भी सूरत में नहीं जलाएं. इसका उपयोग पशु चारा में करें. इसमें सरकार भी मदद कर रही है. इससे संबंधित चार तरह के कृषि यंत्रों पर अनुदान का दिया जा रहा है. सामान्य कृषकों को 75%, जबकि एससी व एसटी को 80% अनुदान की व्यवस्था की है.
श्री कुमार ने कहा, बारिश में कमी आती जा रही है. हमारे युवा काल में औसत बारिश 1200 से 1500 एमएम थी. पिछले 30 साल में यह औसत 1027 एमएम पर आ गया. हाल के 13 वर्षों का औसत 901 एमएम हो गया. हम सभी जानते थे कि 15 जून से माॅनसून आ जाता है. अब स्थिति यह हो गयी है कि माॅनसून कब शुरू होगा, पता नहीं.
उन्होंने कहा कि गंगा के दक्षिण भू-जल स्तर के नीचे जाने की बात खास नहीं थी. पूरे देश-दुनिया में यह समस्या है. कई ऐसे देश हैं, जहां भू-जल खत्म हो चुका है, लेकिन इस क्षेत्र में खासकर दरभंगा में जल स्तर का नीचे जाना चिंता की बात है. पिछले साल सूखा पड़ा. 534 में 180 प्रखंड सूखा ग्रस्त हो गये. हमने समीक्षा करायी.
इस साल भी बुरा हाल होने की आशंका देख तत्काल 13 जुलाई को सभी दलों की बैठक बुलायी. समीक्षा की. उसी समय कहा कि जल और हरियाली से ही जीवन सुरक्षित होगा. एक तरफ जल की प्रचूरता बढ़ेगी और दूसरी तरफ हरियाली में वृद्धि होगी, तभी मानव ही नहीं, सभी जीवों का भविष्य सुरक्षित होगा. इसके प्रति जागृति पैदा करने के लिए अभियान शुरू किया. इसके तहत 11 काम आरंभ किया है.
तालाब, आहर, पइन को अतिक्रमणमुक्त कराना, इनका जीर्णोद्धार करना, कुआं का उड़ाहीकरण, इसके बगल में सोख्ता का निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जल संचयन, जल स्रोतों का सृजन, पहाड़ी क्षेत्र में डैम निर्माण आदि कार्य किये जा रहे हैं. सीएम ने कहा कि जब उनके हाथ में प्रदेश की बागडोर आयी तो झारखंड अगल हो चुका था. जंगल था नहीं. उस समय सूबे में हरित आवरण मात्र नौ प्रतिशत था. 2012 में योजना शुरू की. 19 करोड़ पौधे लगाये. इसके बाद आज हरित आवरण 15 प्रतिशत हुआ है. तीन साल के अंदर आठ करोड़ से अधिक पौधा लगाये जायेंगे. इसके बाद हरित अनावरण 17 प्रतिशत से अधिक हो जायेगा. सभी इसमें अपना योगदान दें. इसके लिए अगले साल जनवरी की 19 तारीख को मानव शृखंला में सभी शामिल हों.
कहा कि देश स्तर पर आबादी, प्रजनन दर व आबादी का घनत्व सबसे अधिक बिहार में है. सर्वेक्षण के अनुसार पत्नी अगर मैट्रिक पास है, तो प्रजनन दर दो है. अगर 12वीं पास है तो देश में यह दर जहां 1.7 है, तो प्रदेश में 1.6 है.
यानी अगर प्रजनन दर कम करना है, तो महिलाओं को शिक्षित करना होगा. इसके लिए हर ग्राम पंचायत में इंटर की पढ़ाई की व्यवस्था कर रहे हैं. छह हजार से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालय बन गया. अगले साल तक शेष पंचायतों में भी पढ़ाई शुरू हो जायेगी.
श्री कुमार ने कहा कि सभी घरों में बिजली पहुंचा दी गयी है. शौचालय का निर्माण लगभग हो गया है. पक्की गली-नाली का काम भी चल रहा है. अगले साल चुनाव से पूर्व नल का जल भी प्रत्येक घर में पहुंचा दिया जायेगा.
पानी, बिजली का दुरुपयोग नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कि कोयला से बिजली उत्पादन होता है. इसका भंडार भी सीमित है. इसलिए इसे जितना हो सके बचायें. इसकी जगह अक्षय उर्जा के स्रोत सौर उर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें. इसको भी सरकार बढ़वा दे रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार के लिए महिलाओं की मांग पर शराब बंदी की. आज लाखों परिवार खुशहाल जिंदगी बसर कर रहे हैं.
कुछ गड़बड़ करनेवाले हैं. जीविका दीदी ऐसे लोगों पर नजर रखें. ऐसे लोगों के लिए सतत जीविकोपार्जन योजना शुरू की है. इसके तहत 60 हजार से एक लाख तक की मदद की जाती है. शुरूआती दौड़ में मासिक राशि भी दी जाती है. कानून का राज कायम किया. सड़क, स्कूल, पुल-पुलिये बनाये. स्वास्थ्य सेवा बेहतर की. समाज सुधार के लिए बाल विवाह व दहेजबंदी की. सीएम ने प्रेम, भाईचारा व सभी के प्रति सम्मान भाव रखने की अपील करते हुए कहा कि इसीसे प्रगति होगी. कहा, आप साथ दें, अभियान चलता रहेगा. जब तक आप सभी चाहेंगे.
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