दरभंगा : मत्स्यजीवी सहयोग समिति के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी के गठन के उपरांत समिति के साथ पूर्व के बंदोबस्त जलकरों के पट्टेदार सदस्यों में परिवर्तन नहीं किया जायेेगा. पूर्व वित्तीय वर्ष के बकाया राशि जमा करने के उपरांत पूर्व के पट्टेदारों को ही निबंधन का नवीकरण किया जाना है. इसकी जानकारी देते जिला मत्स्य पदाधिकारी कुमार विमल प्रसाद ने दी है.
जलकरों के पट्टे में नहीं हो सकेगा परिवर्तन
दरभंगा : मत्स्यजीवी सहयोग समिति के नवनिर्वाचित प्रबंधकारिणी के गठन के उपरांत समिति के साथ पूर्व के बंदोबस्त जलकरों के पट्टेदार सदस्यों में परिवर्तन नहीं किया जायेेगा. पूर्व वित्तीय वर्ष के बकाया राशि जमा करने के उपरांत पूर्व के पट्टेदारों को ही निबंधन का नवीकरण किया जाना है. इसकी जानकारी देते जिला मत्स्य पदाधिकारी कुमार […]

श्री प्रसाद ने बताया कि समिति के साथ पूर्व से बंदोबस्त जल करों का बकाया राजस्व समिति के नवगठित प्रबंधकारिणी के मंत्री के माध्यम से प्राप्त किया जायेगा. पूर्व के पट्टेदार जलकरों में बिना ठोस कारण के पट्टेदार परिवर्तन की मान्यता नहीं दी जायेगी. विशेष परिस्थिति में जलकरों के पट्टेदारों में परिवर्तन करने के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी का अनुमोदन आवश्यक होगा. पूर्व के बकाया राशि की देनदारी नवनिर्वाचित समिति की होगी. इसके उपरांत ही
चालू वित्तीय वर्ष का अधिनियम की धारा सात (12) की प्रक्रिया अनुसार राशि लेकर निबंधन पत्र निर्गत किया जायेगा. पूर्व से सदस्यों के साथ बंदोबस्त जलकरों में किसी प्रकार का परिवर्तन कार्यकारिणी समिति नहीं करेगी. समिति के प्रबंधकारिणी के सदस्यों व अन्य सदस्यों के बीच आंतरिक विवाद की स्थिति में निबंधक सहयोग समितियां निर्गत पत्र 3092/ 2014 में अंकित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे. जिला मत्स्य विभाग को विभिन्न प्रखंडों से सूचनाएं मिल रही थी कि नवनिर्वाचित मछुआ सोसाइटी सदस्यों द्वारा आपसी विवाद होने के कारण समिति के बकाया राजस्व की वसूली प्रभावित हो रही है. साथ ही पूर्व से बंदोबस्त जलकरों के पट्टेदारों में परिवर्तन कर दिये जाने के कारण अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहा है.
नयी समिति को नहीं मिलेगा यह अधिकार
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने जारी किया निर्देश