नये वर्दीधारियों ने पूछने पर बताया ड्यूटी का पहला दिन
डीएम की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने की सुरक्षा
गार्डों की बहाली की जांच
दरभंगा : डीएमसीएच की सुरक्षा को लेकर आउटसोर्सिंग के तहत बहाल किये गये सुरक्षा गार्ड की बहाली में गड़बड़ी की जांच के लिये डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा गठित टीम सोमवार को सुरक्षा गार्ड का पैरेड कराकर भौतिक सत्यापन किया. जांच टीम में डीडीसी विवेकानंद झा, वरीय लेखा पदाधिकारी नीलकमल व सिविल सर्जन डॉ सतीश चंद्र दास शामिल थे. जांच टीम अस्पताल प्रशासन और आउटसोर्सिंग एजेंसी से बहाल गार्ड का लिस्ट लिया गया. दोनों की ओर से 104 सुरक्षा गार्ड और सात रिजर्व गार्ड का लिस्ट सौंपा गया. सुरक्षा गार्ड का लिस्ट लेकर गार्ड का पैरेड कराकर भौतिक सत्यापन किया. भौतिक सत्यापन में 104 की जगह 87 सुरक्षा गार्ड और सात रिजर्व गार्ड मौजूद पाये गये.
वहीं 17 सुरक्षा गार्ड को अवकाश पर दिखाया गया. जिसके अवकाश का आवेदन भी जांच टीम के सामने प्रस्तुत किया गया. हालांकि, भौतिक सत्यापन में आज आउटसोर्सिंग एजेंसी ने जांच टीम के आंख में धूल झोंकने का पूरा प्रयास किया. आउटसोर्सिंग एजेंसी ने आज लगभग दो दर्जन से अधिक नये लोगों को वर्दी पहनाकर जांच टीम के सामने लाइन में खड़ा कर दिया. प्रभात खबर ने जब लाइन में खड़े नये लोगों को वर्दी में देखा तो उससे पूछताछ की. पूछताछ में दो दर्जन से अधिक नये वर्दीधारियों ने बताया कि आज ही उनलोगों ने गार्ड की ड्यूट ज्वाइन की है. प्रभात खबर के पास इसका पूरा साक्ष्य भी मौजूद है.
गड़बड़झाला में अस्पताल प्रशासन की संलिप्तता से इंकार नहीं : डीएमसीएच में आउटसोर्सिंग के तहत बहाल सुरक्षा गार्ड के गड़बड़झाला में अस्पताल प्रशासन की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है. जानकारों की माने तो 104 सुरक्षा गार्ड की बहाली कर आउटसोर्सिंग एजेंसी महज 45 गार्ड को ड्यूटी पर तैनात कर रखा था. बांकी 59 गार्ड के पैसा का बंदरबांट किया जा रहा था. इस बंदरबांट में किस-किस को हिस्सा मिलता था यह तो गहन जांच के बाद ही पता चल सकता है. जानकार बताते हैं
कि आज अगर पूरे 104 गार्ड का लिस्ट सौंपा गया है तो इसका सत्यापन पहले दिन व दूसरे दिन के जांच से मिलान करने के बाद किया जा सकता है. अथवा विभिन्न विभागों से हरेक महीना गार्ड की ड्यूटी का अटेंडेंस आता है उससे मिलान करने के बाद सत्य पर से पर्दा उठ सकता है.
नये गार्ड ने बताया चौक पर है ड्यूटी, आंख विभाग किधर पता नहीं : जांच टीम के सामने लाइन में आज पहले दिन वर्दी पहनकर खड़े गंगासागर मुहल्ला के शंभू महतो, संतोष राम, सिनुआरा के अशोक कुमार सिंह व शिवशंकर सिंह, श्रीपुर के जगन्नाथ पासवान, डीएमसीएच के चतुर्थवर्गीय कर्मी कुशमी देवी का पोता संजय कुमार राउत, हरहच्चा के नथुनी पासवान, गंगापट्टी के शंभू कुमार, सिमैसीपुर के बैजू पासवान सहित दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछा गया
कि वह कब से ड्यूटी कर रहे हैं. इनलोगों ने बताया कि आज पहले दिन ड्यूटी पर आये हैं. पूछने पर इनलोगों ने बताया कि उनकी ड्यूटी चौक पर है. इस बीच संवेदक के एक कर्मी के ईशारे पर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वह आंख विभाग में ड्यूटी करता है. आंख विभाग अस्पताल के किस हिस्से में है पूछने पर वह चुप्पी साध ली.
