तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने ब्लड बैंक को दी क्लीन चिट
दरभंगा : डीएमसीएच के ब्लड बैंक से एक्सपाॅयरी ब्लड देने से कई मरीजों को रिएक्शन करने की खबर को डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने गंभीरता से लिया है. इसके लिये डीएम ने डीएमसीएच अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट करने के निर्देश दिये. डीएम के आदेश पर अधीक्षक डॉ […]
दरभंगा : डीएमसीएच के ब्लड बैंक से एक्सपाॅयरी ब्लड देने से कई मरीजों को रिएक्शन करने की खबर को डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने गंभीरता से लिया है. इसके लिये डीएम ने डीएमसीएच अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट करने के निर्देश दिये. डीएम के आदेश पर अधीक्षक डॉ संतोष कुमार मिश्र ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. कमेटी में उपाधीक्षक डॉ वालेश्वर सागर, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ वीएस प्रसाद व शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ केएन मिश्रा को शामिल किया गया.
जानकारी के अनुसार तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने आज ही ब्लड बैंक मामले की जांच कर अपना रिपोर्ट अधीक्षक को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार जांच कमेटी ने ब्लड बैंक को क्लिन चिट दे दिया है.
जांच कमेटी ने ब्लड बैंक के रख-रखाव, तापमान नियमन, एचआइवी, हेपेटाइटिस, मलेरिया एवं सिफलिस बीमारियों की जांच, ब्लड ग्रुपिंग एवं क्रॉस मैचिंग आदि के बारे में क्षेत्रीय रक्त अधिकोष के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों से पूछताछ की. पूछताछ व वहां का आकलन करने के बाद जांच कमेटी ने मानक सूचक के अनुरूप ब्लड के रख-रखाव को पाया. कमेटी ने पाया कि मरीजों का ग्रुपिंग और क्रॉस मैचिंग के बाद ही मरीजों को ब्लड दिया जाता है.
कमेटी ने ब्लड के अभिलेख का भी अवलोकन किया. इसमें पाया कि किसी भी मरीज को एक्सपायरी के तिथि के बाद का ब्लड नहीं दिया गया है. जांच के क्रम में फ्रिज का लॉक खराब होने की बात सामने आयी लेकिन, फ्रिज का टेम्परेचर सही पाया. वहीं जांच कमेटी ने ब्लड बैग पर ओवर राइटिंग के लिये ब्लड बैंक के कर्मियों व चिकित्सा पदाधिकारियों को पारदर्शिता की बात कही. कहा कि ओवर राइटिंग से संदेश की गुंजाइस बनती है.
डीएमसीएच के मरीजों को पूरे दिन नहीं मिला खून
दरभंगा. ब्लड बैंक में हंगामा के बाद से वहां के कर्मी और चिकित्सक डरे-सहमे नजर आ रहे हैं. इसको लेकर शुक्रवार को ब्लड बैंक के टेक्नेशियन अधीक्षक से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया. कहा कि उन्हें तो अब मरीजों को ब्लड देने से भी डर लग रहा है. संदेह जताया कि जिस तरह से जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया इससे उनलोगों को आशंका है कि कभी भी फंसाया जा सकता है. इस आशंका के मद्देनजर आज सुबह से डीएमसीएच में भर्ती एक भी मरीजों को खून नहीं दिया गया. कर्मियों ने बताया कि जो मरीज के परिजन खून लेने आया उसने बताया कि उन्हें खून लेने के लिये तो भेजा गया है लेकिन, चढ़ाने से मरीज को कुछ होगा तो इसके लिये वे खुद जिम्मेवार होंगे. इसके बाद कर्मियों ने मरीज के परिजनों को खून देने से मना कर दिया.
इसकी जानकारी जब प्राचार्य को लगी तो उन्होंने विभागाध्यक्षों को संबंधित विभाग के पीजी को मरीज के परिजनों के साथ भेजकर सामने में ब्लड ग्रुपिंग व क्रासिंग कराकर ब्लड लेने को कहा. हालांकि इसका भी कोई असर नहीं पड़ा. बहरहाल चिकित्सकों व अस्पताल प्रशासन की खींचातानी के कारण आज पूरे दिन डीएमसीएच के मरीजों को ब्लड नहीं मिल सका. पूरे दिन ब्लड नहीं मिलने की जानकारी जब प्राचार्य को शाम में लगी तो उन्होंने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये ब्लड बैंक के टेक्नेशियन को डीएमसीएच के मरीजों को खून की आपूर्ति का आदेश दिया. हालांकि प्राइवेट नर्सिंग होम में बिना रोक-टोक ब्लड की आर्पूति
की जा रही थी.