अब डीएमसीएच में बिना पास मरीजों के परिजनों का प्रवेश नहीं

दरभंगा : डीएमसीएच में अब बेरोक-टोक कोई भी वार्ड में प्रवेश नहीं कर सकेगा. वार्ड में उन्हीं को प्रवेश मिलेगा, जिनके नाम से अस्पताल प्रशासन पास जारी करेगा. यह व्यवस्था जल्द ही बहाल होने वाली है. जूनियर डाॅक्टर एसोसिएशन की मांग पर अस्पताल प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने इस पर मुहर लगा दी. उम्मीद जतायी […]

दरभंगा : डीएमसीएच में अब बेरोक-टोक कोई भी वार्ड में प्रवेश नहीं कर सकेगा. वार्ड में उन्हीं को प्रवेश मिलेगा, जिनके नाम से अस्पताल प्रशासन पास जारी करेगा. यह व्यवस्था जल्द ही बहाल होने वाली है.

जूनियर डाॅक्टर एसोसिएशन की मांग पर अस्पताल प्रशासन तथा जिला प्रशासन ने इस पर मुहर लगा दी. उम्मीद जतायी जा रही है कि इस सप्ताह के अंत अथवा आने वाले सप्ताह के शुरुआत तक यह व्यवस्था बहाल हो जायेगी. इसके लागू होने से मरीज से लेकर चिकित्सकों को काफी राहत मिलेगी. अफरा-तफरी के माहौल से भी निजात मिल जायेगी.

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर गये जूनियर डाॅक्टरों ने आये दिन अस्पताल में होने वाले विवाद की वजह बाहरी तत्वों के प्रवेश को बताया. इस पर रोक के लिए रोगी के साथ निश्चित तथा सीमित संख्या में एटेंडेंट को प्रवेश देने का प्रस्ताव रखा, जिसे प्रशासन ने सहज रूप में स्वीकार कर लिया. अब एक मरीज के साथ अधिकतम दो परिजन ही उनकी देख-रेख के लिए वार्ड में प्रवेश कर सकेंगे. इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बजाबता पास निर्गत किया जायेगा. जिनके पास यह प्रवेश पत्र होगा, तैनात सुरक्षा गार्ड उसी को अंदर आने देंगे.
उल्लेखनीय है कि डीएमसीएच के वार्डों में मरीज से कई गुणा अधिक उनके परिजनों की भीड़ लगी रहती है. स्थिति यह रहती है कि एक रोगी के साथ आठ से दस एटेंडेंट वहां मजमा लगाये रहते हैं. इससे उपचार करने में चिकित्सा कर्मियों को भी परेशानी होती है. साथ ही आये दिन विवाद भी होता है. वैसे चिकित्सकों की मनमानी की बात कहने वाले लोग इस नजरिये से इस व्यवस्था को गलत बता रहे हैं. इनका कहना है कि सीमित संख्या में परिजन के प्रवेश पर ऐसे चिकित्सकों की मनमानी और बढ़ जायेगी. हालांकि प्रशासन इसे सिरे से खारिज करता है.
एक रोगी के साथ दो परिजनों को ही मिलेगी प्रवेश की अनुमति
उपचार में व्यवधान व आये दिन हो रहे उपद्रव को देखते हुए लिया निर्णय
जेडीए की मांग पर प्रशासन ने लगायी मुहर
जल्द बहाल होगी नयी व्यवस्था
डीएमसीएच में एक मरीज के साथ अधिकतम उनके दो परिजन ही प्रवेश पा सकेंगे. इसके लिए पास निर्गत किया जायेगा. छपाई के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है. पास उपलब्ध होते ही यह व्यवस्था लागू कर दी जायेगी.
डॉ बालेश्वर सागर, उपाधीक्षक, डीएमसीएच

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