नगर निगम का माले ने किया घेराव, हंगामा

दरभंगा : बाढ़ राहत वितरण एवं बाढ़ के बाद फैल रहे महामारी की रोक-थाम करने में निगम प्रशासन की विफलता के खिलाफ बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा. माले के बैनर तले नगर निगम कार्यालय पर पीड़ितों ने बवाल काटा. पूरे कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया. इस दौरान निगम प्रशासन के […]

दरभंगा : बाढ़ राहत वितरण एवं बाढ़ के बाद फैल रहे महामारी की रोक-थाम करने में निगम प्रशासन की विफलता के खिलाफ बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा. माले के बैनर तले नगर निगम कार्यालय पर पीड़ितों ने बवाल काटा. पूरे कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया. इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. इस दौरान मौजूद पुलिस बल के जवान के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. घंटों निगम कार्यालय प्रदर्शनकारियों के कब्जे में रहा. इस दौरान लोगों ने निगम कर्मियों पर जम कर भड़ास निकाली.

बंद गेट तोड़ने का किया प्रयास
नगर सचिव सदीक भारती के नेतृत्व में सौ अधिक संख्या में महिला व पुरुष बैनर-पोस्टर लेकर निगम कार्यालय पहुंच गये. निगम प्रशासन के विरूद्ध नारेबाजी करने लगे. पूरे निगम कार्यालय का घेराव करते हुए उग्र प्रदर्शन करने लगे. बंद कार्यालयों के गेट को तोड़ने का भी प्रयास किया. इसी क्रम में प्रदर्शनकारी ऊपरी तल पर जाने की कोशिश करने लगे. निगम प्रशासन ने पहले से ही पुलिस बल को बुला रखा था. पुलिस के जवानों ने इन लोगों को रोकने की कोशिश की. इस क्रम में दोनों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की भी हुई. कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों पर काबू पाया.
अब तक नहीं मिला पॉलीथिन
साधना शर्मा ने कहा कि बाढ़ पीड़ित घर से बेघर हो दूसरे स्थानों पर पन्नी टांग शरण लेने के लिए मजबूर हैं. निर्णय के बाद पन्नी निगम प्रशासन ने उपलब्ध नहीं करवाया है. बाढ़ से पूर्व सुरक्षा की कोई तैयारी नहीं की गयी थी. इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा है.
ब्लीचिंग का हो शीघ्र छिड़काव
बाढ़ पश्चात सफाई एवं चूना, ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं किये जाने से महामारी फैलने की आशंका बढ़ गयी है. निगम प्रशासन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है. पीड़ित का हाल बेहाल है. इधर निगम चैन की वंशी बजा रहा है. मौके पर मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की बात भी कही गयी.
इन वार्डों को भी करें शामिल :
नगर सचिव ने बाढ़ पीड़ितों की सूची में वार्ड 14, 35 व 48 के लोगों को भी शामिल करने की मांग की. प्रदर्शन करने वालों में रामबहादुर ठाकुर, प्रिंस कुमार कर्ण समेत सौ के लोग शामिल थे.
कर्मियों को सुनायी खरी-खोटी
निगम कार्यालय पर वार्ड एक, दो, आठ, नौ, 14 व 48 के बाढ़ पीड़ित पहुंचे थे. कार्यालय में प्रवेश करते ही लोगों का हुजूम डिप्टी मेयर के कक्ष के बंद दरवाजा को खोलने के लिये धक्का मारने लगे. इधर कुछ महिला राजस्व कार्यालय के बंद दूसरे गेट को खोलने को लिए मशक्कत करती नजर आयी. राजस्व कार्यालय का एक गेट खुला देख महिलाओं का हुजूम कार्यालय के भीतर प्रवेश कर कर्मियों को खूब खरी-खोटी सुनायी. जैसे-तैसे उन लोगों को कार्यालय से निकाला गया.
छल रहा निगम प्रशासन
मौके पर देवेंद्र कुमार ने आयोजित सभा को संबोधित करते हुये कहा कि बाढ़ पीड़ितों के साथ जिला व निगम प्रशासन छल कर रहा है. राहत के नाम पर दिये जाने वाला अनाज का वजन कम है. कई सामान बोरे से नदराद रहता है. राहत पहुंचाने को लेकर बनायी जा रही सूची में पार्षद मनमानी कर अपने चहेते का नाम धड़ल्ले से जोड़ रहे हैं. पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने, पीड़ितों को दस हजार रूपये देने की मांग करते हुए बैंक खाता व आधार मांगे जाने का विरोध करते हुये तीन माह का राशन उपलब्ध कराने की आदि की मांग रखी.

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