दरभंगा : डीएमसीएच की कुव्यवस्था के कारण रविवार को शिशु रोग वार्ड में मरीज के परिजन और उनके समर्थन में एमएसयू कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा. बताया जाता है कि शनिवार की शाम सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के अतरबेल निवासी अमरेश यादव ने अपने सात महीने के बेटे रॉकी को गंभीर हालत में इलाज के लिये शिशु रोग वार्ड के पीकू में भर्ती कराया था.
निमोनिया के कारण रॉकी की हालत गंभीर थी. चिकित्सकों ने पूरी मुस्तैदी से उसका इलाज किया. इस बीच रविवार की सुबह 8.30 बजे उसकी मृत्यु हो गयी. रॉकी की मौत के बाद परिजन हंगामा पर उतारू हो गये. आरोप था कि नर्स द्वारा सूई देने के बाद बच्चे की मौत हो गई. इस बीच पीजी छात्र मरीज के परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया गया लेकिन, परिजन मानने को तैयार नहीं थे.
आज सुबह आठ बजे से जिन पीओडी की ड्यूटी थी वह नदारत थे. नाम नहीं छापने की शर्त पर पीजी छात्रों ने बताया कि वार्ड में हंगामा शुरू हो गया और इसकी जानकारी पीओडी को लगी. तब वे भागे-भागे डीएमसीएच पहुंचे. छात्रों का कहना था कि अगर पीओडी स्वयं वहां रहते तो वरीय होने के नाते लोग उनकी बात समझ सकते थे. छात्रों का यह भी आरोप था कि परिजन सुबह से ही उत्तेजित थे. इसकी जानकारी विभागाध्यक्ष से लेकर अधीक्षक को दी जा रही थी लेकिन, कोई भी समय से वार्ड में नहीं पहुंचे. इसके कारण मामला बिगड़ता गया.
बताया कि हंगामा कर रहे लोग पुलिस के सामने में ही चिकित्सकों व नर्सो का जान लेने पर उतारू थे. छात्रों ने सवाल उठाया कि क्यों हर बार पीजी छात्र ही भीड़ का कोपभाजन का शिकार होता है. छात्रों का साफ आरोप है कि सीनियर चिकित्सकों के नहीं रहने के कारण मरीजों के साथ-साथ उनलोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
