दरभंगा : डीएमसीएच के जीएनएम स्कूल के नर्सिंग छात्रावास का छत का टुकड़ा गिरने से छात्रा के जख्मी होने की घटना के बाद गुरुवार को भवन निर्माण विभाग की नींद खुली है. गुरुवार की सुबह भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता दिलीप कुमार, जेई अभय कुमार लाव लश्कर के साथ नर्सिंग छात्रावास पहुंचे. छात्राओं से बात करने के बाद भवन के बाहरी और भीतरी हिस्सों को जायजा लिया.
रहने लायक नहीं है छात्रावास, कभी भी हो सकता हादसा
दरभंगा : डीएमसीएच के जीएनएम स्कूल के नर्सिंग छात्रावास का छत का टुकड़ा गिरने से छात्रा के जख्मी होने की घटना के बाद गुरुवार को भवन निर्माण विभाग की नींद खुली है. गुरुवार की सुबह भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता दिलीप कुमार, जेई अभय कुमार लाव लश्कर के साथ नर्सिंग छात्रावास पहुंचे. छात्राओं से […]

जायजा लेने के बाद कार्यपालक अभियंता में बताया कि भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है. कहा कि वे इसके लिये अस्पताल प्रशासन को छात्रावास खाली कराने के लिये पत्र लिखे हैं. अगर ऐसी स्थिति में इसमें छात्राएं रहती है और कोई हादसा होता है तो इसके लिये अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार होगा. इसके साथ ही कार्यपालक अभियंता ने बताया कि तत्काल 15 लाख रुपये की लागत से भवन की मरम्मत के लिये कार्रवाई की जा रही है. इसके लिये जेई को स्थल का भौतिक निरीक्षण कर प्राक्कलन बनाने को कहा गया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा. उसके बाद टेंडर निकलने के बाद काम शुरू हो सकेगा. इससे तत्काल छात्रावास को रहने लायक बनाया जा सकता है.
हरकत में आया अस्पताल प्रशासन : नर्सिंग छात्रावास के जर्जर भवन का लगातार छत का टुकड़ा गिरने के बाद गुरुवार को अस्पताल प्रशासन भी हड़कत में आया. डीएमसीएच अधीक्षक ने आज भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर अविलंब जर्जर भवन का मरम्मत करने को कहा. साथ ही यह भी कहा कि अगर जर्जर भवन के कारण कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेवारी आपकी होगी. अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि इसके लिये वे लगातार विभाग से पत्राचार कर रहे थे. लेकिन, विभाग कुछ सुनने को तैयार ही नहीं था.