घरों में तीन से चार फुट तक लगा पानी, सैकड़ों लोग हुए विस्थापित
सामान लेकर सुरक्षित स्थान की
ओर भागे कारोबारी
विस्थापितों ने विश्वविद्यालय चौरंगी समेत अन्य स्थानों पर ली शरण
दरभंगा : बारिश की पानी से जलजमाव की परेशानी झेल रहे शहरवासियों को अब बाढ़ की विभीषिका सताने पहुंच गयी है. बागमती नदी का पानी तेजी से शहर में फैल रहा है. दर्जनों मुहल्ले में पानी प्रवेश कर गया है. नदी से सटे निचले इलाके के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है. जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है. अभी भी आधा दर्जन स्थानों शहरी सुरक्षा तटबंध दवाब बरकरार है. रिसाव हो रहा है. इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन जुटा हुआ है. स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह खुद नजर रख रहे हैं. जिला प्रभारी मंत्री महेश्वर हजारी व कृषि मंत्री प्रेम कुमार के साथ प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम व एसएसपी ने हवाई सर्वेक्षण के जरिये बाढ़ प्रभावित इलाके का मुआयना किया. इधर विस्थापितों ने एनएच-57 के किनारे तंबू गार शरण लेने लगे हैं. वहीं भास्कर आवास में घिरे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला गया है. हालांकि अभी भी कुछ हठी उसमें जमे हुए हैं.
नाले के रास्ते प्रवेश कर रहा पानी
उफनाती बागमती नदी का पानी गुरूवार की सुबह करीब 7.30 बजे शहर के निचले इलाके में प्रवेश करने लगा. इससे शहरवासी दहशत में हैं. सुबह 10 बजे के करीब हजारीनाथ घाट से नाला से होकर शहर की ओर पानी का बहाव होते देखा गया. बताया जाता है कि गत रात करीब 7.30 बजे से नाला के रास्ते शुभंकरपुर मुहल्ले में धीरे-धीरे पानी घुसना शुरू हो गया था. रात के 11 बजे के बाद नदी से पानी ओवर फ्लो कर पहुंचने लगा. सुबह होते होते पानी का बहाव तेजी से होने लगा.
पूरा मुहल्ला जलमगन हो गया. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड आठ, नौ व 23 में नदी का पानी तेजी से घुसते देख जैसे-तैसे सामान को समेट लोगों ने उंचे स्थल पर शरण लेना शुरू कर दिया. सबसे अधिक परेशानी मवेशी पालकों को हो रही है. उनकी जान बचाने के लिये लोग उंचे स्थान की तलाश करते रहे. विवि परिसर के चौरंगी पर शरण ले रखा है.
पानी रोकने का प्रयास असफल:
शुभंकरपुर स्थित श्मसान घाट की सड़क पर पानी के दबाव को रोकने के लिये नगर आयुक्त नागेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश पर बोरे में बालू भर कर कर्मियों ने बहाव को रोकने का प्रयास किया. घंटों मशक्कत के बाद भी इसमें सफल नहीं हो सके. पानी का दवाब इतना अधिक है कि बोरे पानी में बह गये.
लोग बेघर : उफनती बागमती ने शुभंकरपुर मुहल्ला को सुबह होते ही जलमग्न कर दिया. पानी का बहाव इतना तेज था कि घरों में घुस चुके पानी से बचाने के जद्दोजहद में पानी पांव बढ़ने नहीं दे रहा था. तिनके-तिनके को जोड़कर घरौंदा बनाने वाले पानी में विलीन होते अपने घर को देख न चाहते हुये भी जान बचाने के लिये घरों को छोड़ विवि के चौरंगी व दूसरे उंचे स्थानों पर शरण के लिये मजबूर हो गये.
तेजी से पूरब की ओर बढ़ रहा पानी
बागमती नदी का पानी दरभंगा तथा लहेरियासराय दोनों तरफ से शहर में फैल रहा है. समाचार लिखे जाने तक यह दरभंगा टावर के समीप पहुंच गया था. गुदरी में पानी पहुंच गया. इससे कारोबारियों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. अलुआ गद्दी, केला गद्दी आदि में पानी फैल गया है. वहीं इमलीघाट, बालूघाट, मिश्रीगंज, काले खां, कबराघाट, बंग्लागढ़, शुभंकरपुर, रत्नोपट्टी, बाजितपुर, महदौली, लहेरियासराय की ओर शास्त्रीनगर, जनकपुरी, अभंडा, सैदनगर, फ्रैंड्स कॉलोनी, केलवागाछी, शक्तिनगर, खराजपुर आदि मुहल्लों में बाढ़ का पानी फैल गया है. यह पानी तेजी से पूरब दिशा की ओर बढ़ रहा है. अगर इसी तरह जलस्तर में इजाफा होता रहा तो रात भर में पूरा शहर जलमग्न हो जायेगा.
इंजीनियरिंग कॉलेज में घुसा पानी : बीती रात ही फोरलेन के किनारे अवस्थित दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में पानी प्रवेश कर गया. सड़क से काफी नीचे होने की वजह से तेजी से पानी फैल गया.
पूरा परिसर जलमग्न हो गया है. कॉलेज का कामकाज ठप हो गया है. जानकारी के अनुसार इस वजह से महाविद्यालय को कॉलेज प्रशासन ने बंद कर दिया है.
