उदासीनता. एक करोड़ खर्च कर तैयार हुए शौचालय, पर निगम ने नहीं की कोई पहल
दरभंगा : स्वच्छ भारत मिशन को लेकर नगर निगम संवेदनशील नहीं है. यही कारण है कि नवनिर्मित 16 सामुदायिक शौचालयो में ताला झूल रहा है. निगम ने इन 16 सामुदायिक शौचालय के निर्माण पर एक करोड़ पांच लाख 60 हजार रूपये खर्च किये हैं. दो से पांच माह पूर्व इन शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा किया गया.
तब से ही इनमें ताला झूल रहा है. करोड़ से अधिक रूपया खर्च होने के बाद भी शौचालय का लाभ लोगों को उपलब्ध नहीं कराया जाना अभियान के प्रति निगम की मंशा को जाहिर कर रहा है. निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डो में इन सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है. शौचालय निर्माण के बाद स्थानीय भूमिहीन लोगों में इसके उपयोग की आश जगी थी. पर निगम इसके संचालन की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है. शौचालयों का मेंटिनेस कैसे होगा इस प्रश्न का जवाब निगम नहीं तलाश पा रहा है.
इधर, खुले में शौचमुक्त अभियान को लेकर केंद्र, राज्य सरकार व नगर निगम बढ़ चढ़कर प्रचार प्रसार कर रहा है. लोगों से शौचालय निर्माण को ले शिविर लगाकर वार्डो में लगातार आवेदन लिया जा रहा है. पर जो शौचालय बन गया उसके उपयोग कैसे लोग करें, यह ही निगम तय नहीं कर पा रहा है.
इन जगहों पर बनाये गये शौचालय:आठ लाख 85 हजार रुपये की लागत से वार्ड दो में छठ्ठी पोखर, वार्ड तीन में पीटीसी के निकट, वार्ड नौ में किशोरी लाल पथ के निकट, वार्ड 47 में एसपी कार्यालय के सामने, केएम टैंक शिव मंदिर के उत्तर पोलो मैदान के गेट के सामने एक-एक शौचालय सह स्नानघर बनाया गया है. वहीं चार लाख 85 हजार रूपये की लागत से एक-एक शौचालय सह स्नानघर वार्ड चार में नीम पोखर के निकट, वार्ड आठ में हरिजन बस्ती, वार्ड 17 में भटियारीसराय मुख्य पथ के बगल में, वार्ड 21 में नगर निगम पार्क के बगल में, नाका पांच परिसर में, वार्ड 32 में स्लाटर हाउस के बगल में, वार्ड 34 में मतरंजन तालाब के निकट, अल्लपट्टी चौक आइएमए भवन के सामने तथा वार्ड 48 में पंडासराय मंदिर के बगल में बना गया है.
भूमिहीन परिवारों को मिलनी थी सुविधा
दो तरह के शौचालय व स्नानघर का निर्माण
ओडीएफ को लेकर वार्डो में दो तरह के शौचालय का निर्माण कराया गया है. प्रति शौचालय सह स्नानघर का निर्माण आठ लाख 85 हजार रूपये में किया गया है. एक शौचालय सह स्नानघर में चार पुरूष तथा दो महिला शौचालय है. साथ ही एक-एक स्नान घर पुरूष एवं महिला के लिये बनाया गया है. इस तरह के कुल सात शौचालय सह स्नानघर बनाये गये हैं. वहीं कम क्षमता वाले शौचालय सह स्नानघर का निर्माण भी कराया गया है. इसके तहत प्रति शौचालय सह स्नानघर को चार लाख 85 हजार रूपये में तैयार किया गया है. इसमें से प्रत्येक में दो पुरूष, एक महिला शौचालय तथा एक महिला स्नानघर शामिल है. इस तरह के कुल नौ शौचालय सह स्नानघर बनाये गये हैं.
कुछ जगहों पर लोगों ने खुद खोल दिया ताला
वार्ड 21 में अंबेडकर कॉलनी में बनाये गये शौचालय सह स्नानघर का ताला स्थानीय लोगों ने स्वयं खोल दिया. बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने शौचालय का उपयोग करना शुरू कर दिया है. इसी तरह वार्ड 11 में नेशनल स्कूल के पीछे तथा वार्ड 15 में सुधा फैक्टरी के निकट के शौचालय को भी खोल कर स्थानीय लोगों द्वारा उपयोग किये जाने की बात कही जा रही है. जिन जगहों पर शौचालयों का उपयोग करना शुरू कर दिया गया है वहां इसके मेंटेनेंस को लेकर नियमानुकूल व्यवस्था नहीं की गयी है.
नहीं हो सका रख-रखाव कमेटी का गठन
जानकारी के अनुसार, इस योजना पर काम शुरू किये जाने के समय निर्णय लिया गया था, कि रखरखाव के लिए स्थानीय पार्षद की अध्यक्षता में समिति बनेगी. इसी समिति को शौचालय सह स्नानघर की व्यवस्था देखनी थी. शौचालन निर्माण के महीनों बीत जाने के बावजूद इस तरह की समिति का गठन नहीं किया जा सका है. और न ही समिति गठन की दिशा में कोई सक्रियता ही नजर आ रही है.
लाभुक को ही करना है मेंटेनेंस
शौचालय के उपयोग के लिए परिवारों को चिन्हित किया जा रहा है. यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है. सूची तैयार होते ही संबंधित परिवारों को शौचालय की चाबी दे दी जाएगी. लाभुक को ही शौचालय का मेंटेनेंस करना है.
नागेंद्र कुमार सिंह, नगर आयुक्त
