लोक अदालत त्वरित न्याय का सर्वोत्तम माध्यम : डीजे

राष्ट्रीय लोक अदालत. आपसी कटुता समाप्त करना इसका उद्देश्य दरभंगा : लोक अदालत आपसी समझौता के आधार पर वादों का त्वरित और सुलभ निष्पादन का उत्तम माध्यम है. इसके माध्यम से वादों के निष्पादन होने पर दोनों पक्षों की जीत होती है और पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बना रहता है. छोटी छोटी बातों को […]

राष्ट्रीय लोक अदालत. आपसी कटुता समाप्त करना इसका उद्देश्य

दरभंगा : लोक अदालत आपसी समझौता के आधार पर वादों का त्वरित और सुलभ निष्पादन का उत्तम माध्यम है. इसके माध्यम से वादों के निष्पादन होने पर दोनों पक्षों की जीत होती है और पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बना रहता है. छोटी छोटी बातों को लेकर कचहरी कम आवें घर पर ही हंसी खुशी और चैन से रहें. ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ करते हुए
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज अरुणेंद्र सिंह ने कही. श्री सिंह ने दीप प्रजवल्लित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज श्री सिंह ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार अपने मामले का सुलभ निष्पादन करा सकते हैं.
मौके पर परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी विवादों से निजात पाकर आपसी कटुता और द्वेष से परे रहकर सुसंगठित समाज की परिकल्पना करना है. आपसी भाईचारा और समरसता के साथ जीवन जीने का मौका देना ही लोक अदालत की सोच है. प्रधान न्यायाधीश श्री कुमार ने कहा कि तन की खूबसूरती एक अच्छे परिधान से बनता है परंतु मन की खूबसूरत तब बनती है जब हम काम, क्रोध, ईर्ष्या, माया,
लोभ से खुद को दूर रख पाते हैं. कार्यक्रम में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार मालवीय, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश देव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार वर्मा, दरभंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद, महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र, वरीय पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह सहित न्यायिक दंडाधिकारी, न्यायलय कर्मी, पक्षकार और अधिवक्ता मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के सचिव बिनोद कुमार गुप्ता ने किया.
16 बेंचों ने की 604 मामलों की सुनवाई : दरभंगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में दरभंगा न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के लिए 16 बेंच गठित की गयी थी. पीठासीन पदाधिकारी के रूप में परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार, चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार मालवीय, पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार वर्मा, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारीअमित कुमार, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठाकुर अमन कुमार, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रजनीश रंजन, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आशुतोष खेतान, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी दीपांजन मिश्र, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कन्हैया लाल यादव, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विवेक चंद्र वर्मा, प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी शैलेश कुमार राम, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार मौजूद थे.
1.64 करोड़ के मामलों का हुआ निष्पादन : दरभंगा. राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 604 मामलों का निष्पादन पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर किया गया. कुल 1,64,17550 रुपये का समझौता पक्षकारों के बीच हुआ. इसमें गठित 16 खंडपीठों के समक्ष विभिन्न प्रकार के कुल 749 मामले आए जिनमें 604 मामलों में पक्षकारों की सहमति से समझौता हुआ. बीएसएनएल, बिजली तथा विभिन्न बैंक ऋण के मामलों में 1,64,17,550 रुपये का समझौता हुआ.

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