नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी का बदला पता, सोमवार से बड़गांव कैंपस में निष्पादित होंगे एनओयू के कार्य

एनओयू के कुलपति प्रो केसी सिन्हा ने कहा कि नये कैंपस में नौ अक्तूबर से काम शुरू हो जायेगा. 1986 के बाद 1987 मेंं अस्तित्व में एनओयू अपने स्थापना काल से ही किराये के भवन में चल रहा था. 36 साल के बाद एनओयू अपने भवन में नौ अक्तूबर से काम करेगा.

पटना. नालंदा खुला विश्वविद्यालय (एनओयू) सोमवार से नालंदा (बड़गांव) स्थिति नवनिर्मित भवन से निष्पादित होंगे. आज से इसका पता पटना के बिस्कोमान भवन न होकर नालंदा का बड़गांव हो जायेगा. एनओयू के कुलपति प्रो केसी सिन्हा ने कहा कि नये कैंपस में नौ अक्तूबर से काम शुरू हो जायेगा. 1986 के बाद 1987 मेंं अस्तित्व में एनओयू अपने स्थापना काल से ही किराये के भवन में चल रहा था. 36 साल के बाद एनओयू अपने भवन में नौ अक्तूबर से काम करेगा.

29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था भवन का उदघाटन

29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनओयू के नये परिसर का उद्घाटन किया था. इसके बाद से ही नये कैंपस में एनओयू शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया था. इसके साथ 28 अक्तूबर से आयोजित परीक्षाएं भी नये कैंपस में ही संचालित की जायेगी. वर्तमान समय में 19 अक्तूबर तक आयोजित सभी परीक्षा पटना केंद्र पर ही होगी.

28 अक्तूबर से संचालित होगी नये कैंपस में परीक्षा

28 अक्तूबर से 10 नवंबर तक संचालित होने वाली आगामी परीक्षा एनओयू के बड़गांव नालंदा के नवनिर्मित भवन में आयोजित कराया जायेगा. परीक्षा एक पाली में 12 बजे से तीन बजे के बीच बड़गांव नालंदा से कराये जायेंगे. एनओयू के कुलसचिव डॉ हबीबुर्रहमान ने बताया कि 19 अक्तूबर तक संचालित परीक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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अब नैक एक्रिडेशन हो जायेगा आसान

यूजीसी के दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो ने नैक एक्रिडेशन के अभाव में एनओयू को सत्र 2023-24 में नामांकन की अनुमति नहीं दी है. एनओयू के कुलपति प्रो केसी सिन्हा ने कहा कि जल्द ही यूनिवर्सिटी को नैक से ग्रेड मिल जायेगा. पीयर टीम के निरीक्षक के बाद एक्रिडेशन मिल जायेगा. इस सत्र में नामांकन की पूरी संभावना है.

क्या-क्या सुविधाएं?

यूनिवर्सिटी के भवनों को 10 एकड़ में 116.65 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इसमें प्रशासनिक भवन के अलावा, एकेडमिक बिल्डिंग, वीसी बंगला, प्रो. वीसी बंगला, प्रोफेसर बिल्डिंग, स्टाफ भवन के अलावा बॉयज एंड गर्ल्स हॉस्टल बने हैं. इसके अलावा प्रोफेसर बिल्डिंग (ग्राउंड प्लस पांच) के दो भवन हैं, इनमें 24 थ्री-बीएच और 24 टू-बीएच के फ्लैट बने हैं. स्टाफ बिल्डिंग (ग्राउंड प्लस पांच) के दो भवन भी हैं. इसमें 24-24 फ्लैट हैं. 100 क्षमता वाला गर्ल्स हॉस्टल (ग्राउंड प्लस दो) बने हैं. इसी तरह 140 की क्षमता वाले (ग्राउंड प्लस तीन) बॉयज हॉस्टल बना है.

खाने-पीने के लिए भी सुविधा

प्राचीन नालंदा महाविहार के जैसा दिखने वाला प्रशासनिक भवन सबसे खूबसूरत है. छात्र-छात्राओं के खाने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डायनिंग हॉल भी बनाया गया है. अतिथिशाला भी बनाया गया है ताकि यहां आने वाले लोगों को ठहरने के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े. यूनिवर्सिटी के कुलपति व गणितज्ञ डॉ. कृष्ण चंद्र सिन्हा, प्रो. वीसी डॉ. संजय कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. मो. हबीबुर्रहमान, रजिस्ट्रार (एग्जाम) डॉ. नीलम कुमारी समेत अन्य अधिकारी कल से नये परिसर में बैठेंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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