कोर्ट का फैसला दस हजार रुपये अर्थदंड की चूक पर भुगतना होगा छह माह का अतिरिक्त कारावास
बेतिया : शादी की नीयत से नाबालिग लड़की के अपहरण के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकिशोर पांडेय ने एक आरोपित को पांच वर्ष साधारण कारावास तथ दस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड के चूक पर सजायाफ्ता को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
सजायाफ्ता अमेरिका मुखिया श्रीनगर पूजहा थाने के भवानीपुर गांव का निवासी है. लोक अभियोजक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 7 जुलाई 2011 को भवानीपुर गांव के ही विद्यावती देवी की 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री शौच के लिए सरेह में गयी थी. इस दौरान अमेरिका मुखिया ने शादी की नीयत से उसका अपहरण कर लिया. उसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया. इस संबंध में नाबालिग लड़की की माता विद्यावती देवी ने श्रीनगर थाना में कांड संख्या 33/2011 दर्ज कराया था.
पुलिस ने अनुसंधान के बाद न्यायालय में अमेरिका मुखिया के विरूद्ध आरोप सत्य पाकर आरोप पत्र समर्पित किया था. इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायालय ने आरोपित को यह सजा सुनाई है.
