दहशत. ठोरी में भारत से नेपाल तक बाघ ने मचाया आतंक
होटल में घुसने के बाद चारों ओर
से नेपाली वनकर्मियों ने घेरा
गौनाहा (पचं) : सीमावर्ती भिखनाठोरी से सटे ठोरी के एक होटल में छिपे बाघ ने रविवार की सुबह नौ बजे होटल मालकिन महिला समेत दो को घायल कर दिया. घायलों में एक भारतीय महिला व नेपाली ग्रामीण शामिल है. दोनों को नेपाल के चितवन स्थित कसरा अस्पताल में भरती कराया गया है. इनमें भारतीय महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है. सूचना पर पहुंचे नेपाली वनकर्मियों ने होटल में घुसे बाघ को चारों ओर से घेर रखा है.
जानकारी के अनुसार जिले के सहोदरा थाना अंतर्गत भारतीय सीमा के भिखनाठोरी गांव की महिला धन्नु उरांव नेपाल के ठोरी में होटल का संचालन करती है. रविवार की सुबह वह होटल खोलने के लिए ठोरी गयी. जैसे ही होटल का दरवाजा खोल कर अंदर गयी, होटल में पूर्व से छिपे बाघ ने महिला पर आक्रमण कर दिया. जमीन पर गिरते ही बाघ ने उसको बुरी तरह जख्मी कर दिया. इसके बाद शोर मचाये जाने पर वहां ठोरी निवासी जय बहादुर दौड़ कर पहुंचा. उसको भी बाघ ने हमला कर जख्मी कर दिया.
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ ने एक माह से भारतीय से लेकर नेपाल क्षेत्र तक आतंक मचा रखा हैै. एक सप्ताह पूर्व उसने भारतीय क्षेत्र के भिखनाठोरी में एक बकरे को मारा था. तीन रोज पहले उसने ठोरी में चार बकरों और दो नेपाली ग्रामीणों को हमला कर जख्मी कर दिया था. आज सुबह भी उसने चार मुर्गा, एक बकरा और दो लोगों को जख्मी कर दिया है.
वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, बाघों पर बढ़ा खतरा
हरनाटांड़. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्रों में वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों का वचस्व बढ़ता जा रहा है. विभाग द्वारा लगाये गये पीलर को वन भूमि से अतिक्रमणकारियों द्वारा गायब कर खेती योग्य भूमि बना कर फसल उपजा रहें.वन प्रमंडल दो के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के चकदहवा,गनौली वन क्षेत्र के घुटनी जंगल के दोन नहर के समीप और मदनपुर वन क्षेत्र के सेमरी डीह, करवाने, सिरिसिया, पीयरीभीत, मदनपुर, कांटी उप खंड के विभिन्न जगहों पर अतिक्रमणकारियों ने वन विभाग की दर्जनों पिलर को गायब कर उस वन भूमि पर खेती-बारी शुरू कर दिया है. सरकारी और गैर सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो अतिक्रमणकारियों ने इन वन क्षेत्रों में अब तक करीब एक हजार एकड़ वन भूमि पर लगे पेड़ पौधा को नष्ट कर उसपर खेतीबारी शुरू कर दिया है.आये दिन वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण से जंगल का क्षेत्रफल सिकुड़ता जा रहा है.
जो आने वाले समय में जंगली जानवरों समेत बाघों का अधिवास क्षेत्रों पर खतरा बढ़ जायेगा.
वन प्रेमियों का कहना है कि वन क्षेत्रों के वनकर्मियों की मिली भगत से वन भूमि का अतिक्रमण हो रहा है. वन क्षेत्रों में तैनात कई अनुबंधित वनकर्मियों ने भी वन भूमि पर कब्जा कर खेती बारी कर रहे हैं.
