बेतिया : ऑनलाइन जन्म मृत्यु निबंधन में लापरवाही बरतने में एमजेके अस्पताल के उपाधीक्षक एवं मझौलिया के पीएचसी प्रभारी फंस गये हैं. हालांकि यह लापरवाही अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सामने आ सकती है. जिसका अध्ययन किया जा रहा है.
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में अध्ययन दल ने एमजेके अस्पताल में जन्म मृत्यु निबंधन इकाई का निरीक्षण किया. निरीक्षण में पाया गया कि मार्च 2017 से 24 मई 17 तक एमजेके अस्पताल में 5302 नवजात का जन्म हुआ. जिसमें से मात्र 1575 नवजातों का हीं निबंधनकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जा सका है.
वहीं अस्पताल में इलाज के क्रम में मरे 169 में से 169 का ऑनलाइन निबंधन कर पोर्टल पर अपलोड किया गया है. जन्म से कम नवजातों का निबंधन कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी संजय कुमार ने एमजेके अस्पताल के उपाधीक्षक सह जन्म मृत्यु निबंधन पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की है. उसी प्रकार मझौलिया पीएचसी के निरीक्षण के दौरान सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी ने प्रतिवेदित किया है कि जब प्रसूति वार्ड के जन्म से संबंधित पंजी की मांग की गयी, तो पंजी उपलब्ध नहीं करायी गयी.
जबकि सीआरएसओ पोर्टल पर देखने से स्पष्ट होता है कि पीएचसी मझौलिया में एक माह पूर्व से रजिस्ट्रेशन कार्य लंबित है और पीएचसी प्रभारी सह निबंधन पदाधिकारी द्वारा अद्यतन निबंधन कार्य नही कियाजा रहा है. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने मझौलिया के पीएचसी प्रभारी से भी स्पष्टीकरण की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने सिविल सर्जन को कार्रवाई का अनुरोध कियाहै.
एमजेके अस्पताल में 5302 नवजातों का हुआ है जन्म, 1575 नवजातों की जानकारी ऑन लाइन पोर्टल पर अपलोड
मझौलिया पीएचसी ने जांच के दौरान नहीं सौपा पंजी, एक माह से रजिस्ट्रेशन कार्य भी पाया गया लंबित
