हरनाटांड़ (पचं) : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से भटक कर एक बाघ बुधवार की रात महुअवा कटहरवा गांव के समीप घुटनी जंगल के दोन नहर के सेवा पथ पर पहुंच गया. सेवा पथ पर पहुंचने के बाद बाघ ने दहाड़ा. बाघ की दहाड़ सुन कर आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गयी. ग्रामीण सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे.
वाहन भी जहां थे वहीं रुक गये. बाघ लगभग 40 मिनट तक सड़क के बीच में खड़ा रहा. बाद में लोगों ने हिम्मत की व इकठ्ठा हो कर शोर मचाना शुरू किया. वाहन चालकों ने भी लगातार हॉर्न बजाया और लाइट जला कर आगे बढ़े, तो बाघ सड़क से उतर कर जंगल के अंदर चला गया.
महुअवा कटहरवा पंचायत की मुखिया ज्ञानू देवी ने बताया कि बाघ जंगल से निकल कर रिहायशी क्षेत्र के कटहरवा सरेह में पहुंच कर दोन नहर के सेवा पथ पर आ गया था. बाघ को देखते ही लोगों में अफरातफरी मच गयी. ग्रामीण विनय महतो, रमेश काजी, जगदीश प्रसाद, किशुन देव प्रसाद, प्रभाकर कुमार, शंभु केवट, जगदीश महतो, तुलसी प्रसाद व जालीम कुमार आदि ने बताया कि बाघ सरेह में पहले से ही चहलकदमी कर रहा था. वह किसी जानवर के पीछे लगा था.
शिकार हाथ से निकल जाने के बाद वह सेवा पथ पर आकर गुस्से में दो बार दहाड़ा. उस समय दोन नहर के सेवा पथ के रास्ते कई वाहन गुजर रहे थे. बाघ को देखने के बाद वाहन चालकों ने अपना वाहन रोक दिया.
मुखिया ने बताया कि इस मामले की जानकारी देने के लिए गोनौली वन क्षेत्र के रेंजर से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गयी.उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिलता रहा. गोनौली वन क्षेत्र के रेंजर अवधेश प्रसाद सिंह ने बताया कि सरेह में बाघ आने की सूचना मिली है. बाघ की खोज व जांच पड़ताल के लिए वनकर्मियों की टीम को उस जगह भेजा गया है.
सड़क पर 40 िमनट अावागमन रहा बािधत
