बैरिया : खिरियाघाट से पटेरवाघाट तक हो रहे सड़क जीर्णोद्धार में अनियमितता की शिकायत की जांच करने बुधवार को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता योगेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे. उनके साथ अभियंता भगीरथ राम भी थे.
अभियंता की जांच में सड़क मरम्मत में काफी अनियमितता पायी गयी. इस दौरान कार्यपालक अभियंता ने बगही अहिर टोला के पास कराये गये निर्माण को खुदवाकर देखा. जांच में पता चला कि 66 परसेंट मेटल के बजाया महज 33 परसेंट मेटल प्रयोग किया गया था. बालू की जगह मिट्टी का प्रयोग किया गया है.
कहीं भी मेटल का नहीं किया गया प्रयोग
जांच के दौरान मौजूद ग्रामीण व माले नेता सुनील राव, मंगल चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, फिरोज अहमद, जदयू नेता अनिल यादव, चंदन चौधरी, छठु पासवान ने कार्यपालक अभियंता को बताया कि खिरिया घाट से पटेरवाघाट तक हो रहे सड़क जीर्णोद्धार कार्य में कहीं भी मेटल का प्रयोग नहीं किया गया है. इस रोड में लगे पुराने मेटल को मिट्टी में मिला कर लगा दिया गया है.
जीएसटी करने के लिए दो जगह पर जेसीबी से सड़क को खोदा गया और पूर्व में लगे मेटल को निकाल कर मिट्टी में मिलाकर लगाया गया है. कहीं-कहीं मेटल की बजाय फाइब एट क्या प्रयोग किया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत के लिए 2.67 लाख रुपये का बजट है, जो इस मरम्मत कार्य की लागत से काफी अधिक है.
ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यपालक अभियंता ने कार्यपालक अभियंता ने अभियंता भागीरथ राम को कार्य स्थल पर रहकर कार्य कराने का निर्देश दिया. साथ ही ग्रामीणों के आग्रह पर 3 दिन के अंदर प्राक्कलन और सड़क निर्माण कार्य का चार्ट शिलापट्ट तीन जगहों पर लगाने का निर्देश भी दिया. उन्होंने यह भी आदेश दिया कि जब तक शिलापट्ट नहीं लगता तब तक काम नहीं होना चाहिए.
ठेकेदार के पक्ष में अभियंता के बोलते
ही भड़क गये ग्रामीण
सड़क जांच के दौरान हंगामा उस समय मच गया, जब जांच करने पहुंचे अभियंता ठेकेदारको फटकार लगाने की बजाय उसके पक्ष में ही बोलने लगे. इस ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पदाधिकारी पैसे का लेनदेन कर मामले को दबाना चाहते हैं. अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो वह जिलाधिकारी के यहां इस सड़क निर्माण कार्य को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे. सड़क निर्माण कार्य बंद करा देंगे. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इसी ठेकेदार के द्वारा तुम कड़िया से लेकर बैरिया तक सड़क मरम्मत कार्य कराया गया है, जो मात्र छह माह के अंदर ध्वस्त हो गया है.
