बेतिया : उत्तर बिहार के कुख्यात अपराधी सह आर्मी लिबरेशन फ्रंट के सरगना बबलू दूबे की गोली मार हत्या कर दी गयी है. उसे पेशी के लिए बेतिया सिविल कोर्ट लाया गया था. इसी दौरान कोर्ट परिसर में पहले से मौजूद हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ उस पर आधा दर्जन गोलियां बरसा दीं और फिर असलहा लहराते हुए पैदल ही कोर्ट के मुख्य गेट से निकल हो गये.
हालांकि, बबलू की सुरक्षा में तैनात सैफ जवानों ने उनका पीछा किया. लेकिन, अपराधी भीड़ का फायदा उठा कर फरार हो गये. वारदात गुरुवार की सुबह 11 बजे की है. इधर गोली की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, डीएम लोकेश कुमार सिंह एसपी विनय कुमार भी मौके पर पहुंचे. मामले का जायजा लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एसपी विनय कुमार ने बताया कि अपराधियों की पहचान कर ली गयी है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
पेशी को लाया गया था बबलू को
बेतिया मंडल कारा में बंद बबलू दूबे को भारी सुरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था, जहां न्यायिक दंडाधिकारी कुमुद रंजन के कोर्ट में उसे बैरिया थाने में 2013 में बरामद चोरी के सामान में उसकी पेशी हुई. इस मामले के अनुसंधानक रहे सब इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने अपनी गवाही दी. इस दौरान कोर्ट में बबलू दूबे भी मौजूद था.
यहां की प्रक्रिया खत्म होने के बाद उसकी पेशी अपर जिला जज-6 के कोर्ट में होनी थी. जवान उसे यहां से लेकर जैसे ही बाहर निकले, पहले से पूरब दिशा में खड़े एक अपराधी ने बबलू दूबे पर पिस्टल से ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं. गोली की आवाज सुनते ही तैनात जवानों ने उस अपराधी को दौड़ा कर पकड़ना चाहा, तभी पश्चिम की दिशा में मौजूद दूसरे अपराधी ने बबलू पर दो और गोलियां मार दीं. इससे जवान व कोर्ट में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. सभी इधर-उधर भागने लगे. इसका फायदा उठाते हुए अपराधी पिस्टल लहराते कोर्ट में मेन गेट से बाहर निकले. जहां पहले से मौजूद बाइक सवार ने अपराधी को बैठा लिया और सभी फरार हो गये.
गोलीबारी के बाद जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव अपने चैंबर से बाहर निकल घटनास्थल पर आ पहुंचे. डीएम लोकेश कुमार सिंह व एसपी विनय कुमार भी पहुंचे. भरी पुलिस फोर्स ने कोर्ट परिसर में मोरचा संभाल लिया. भारी सुरक्षा में बबलू दूबे का शव पोस्टमार्टम के लिए बेतिया अस्पताल लाया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया.
हत्या, अपहरण समेत दर्ज थे 40 मामले
बबलू दूबे कभी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. रंगदारी मांगना और नहीं देने पर अपहरण व हत्या कर देना उसकी शगल में शामिल था. उत्तर बिहार के कई थानों में उसके खिलाफ करीब 40 मामले दर्ज हैं. अकेले बेतिया में उस पर छह मामले दर्ज हैं. इनमें इसकी पेशी कोर्ट में होती थी. पुलिस उसकी हत्या के पीछे कोई साजिश मान रही है. बेतिया के एसपी िवनय कुमार ने बताया िक पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लिया है.
बबलू दूबे शातिर किस्म का अपराधी था. उस पर 40 से अधिक अापराधिक मामले दर्ज थे. गोली लगने की घटना के बाद तैनात जवानों ने भाग रहे अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे फरार हो गये. कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी को देखते हुए तैनात जवानों ने फायरिंग नहीं की. हालांकि अपराधियों की पहचान कर ली गयी है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
