महिला की मौत, तोड़फोड़ एमजेके में मरीज को नहीं िमला ऑक्सीजन
बेतिया : सीने में दर्द होने की शिकायत पर स्थानीय गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज सह एमेजके सदर हॉस्पिटल में भरती हुई महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सभी हंगामा मचाने लगे. इस दौरान हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की गयी. इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गयी. परिजनों […]
बेतिया : सीने में दर्द होने की शिकायत पर स्थानीय गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज सह एमेजके सदर हॉस्पिटल में भरती हुई महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सभी हंगामा मचाने लगे. इस दौरान हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की गयी. इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गयी.
परिजनों का आरोप था कि तबीयत बिगड़ने पर बुलाने के बाद भी डॉक्टर देखने तक नहीं आये. सूचना पाकर मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस के समझाने के बाद भी परिजन मानने को तैयार नहीं थे. बाद में अस्पताल उपाधीक्षक की ओर से दोषी डॉक्टर व कर्मी के खिलाफ
महिला की मौत
कार्रवाई के आश्वासन पर सभी माने और हंगामा बंद किया.
जानकारी के अनुसार, शहर के कमलनाथ नगर निवासी गुदरी मियां की पत्नी कलीजन खातून को मंगलवार की दोपहर अचानक सीने में दर्द उठी. परिजन इलाज के लिए उन्हें एमजेके सदर अस्पताल लाये, जहां डॉक्टर ने उन्हें महिला वार्ड में भरती कर दिया. परिजनों का कहना है कि भरती करने के बाद हॉस्पिटल के कर्मी ने बाहर से दवा व पानी मंगवाया. इसके बाद कलीजन खातून को पानी चढ़ाना शुरू किया और मुंह में ऑक्सीजन का पाइप लगा दिया. इससे बाद कलीजन खातून की हालत में सुधार आ गया. लेकिन, रात को अचानक हॉस्पिटल के कर्मी ने ऑक्सीजन निकाल कर दूसरे मरीज को लगा दिया और उन्हें ठीक बता कर पानी चढ़ाना भी बंद कर दिया. इसके थोड़ी देर बाद ही फिर से कलीजन खातून की तबीयत बिगड़ने लगी.
आरोप है कि परिजनों ने जब वार्ड में कार्यरत स्टॉफ से ऑक्सीजन लगाने को कहा, तो मना कर दिया गया. इसको लेकर दोनों में कहासुनी भी हुई. इधर, सुबह होने पर कलीजन की तबीयत आर ज्यादा बिगड़ गयी. परिजन बार-बार हॉस्पिटल में कार्यरत स्टॉफ से डॉक्टर को बुलाने को कह रहे थे, लेकिन कोई भी डॉक्टर इलाज करने नहीं पहुंचा. इसी बीच बुधवार की सुबह आठ बजे कलीजन खातून की मौत हो गयी. इसपर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा .
हंगामा देख हॉस्पिटल छोड़ भागे कर्मी व डॉक्टर
कलीजन खातून की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा देख हॉस्पिटल में कार्यरत स्टॉफ व डॉक्टर वार्ड छोड़ भाग खड़े हुए. पूरे अस्पताल में अफरातफरी मच गयी. सूचना पर पहुंचे नगर थानाध्यक्ष नित्यानंद चौहान ने गुस्साये लोगों को समझा-बुझा कर मामले को शांत कराया. मामले में परिजनों ने कार्रवाई के लिए अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा है.
लापरवाही पर हंगामा
महिला को एमजेके हॉस्पिटल में कराया था भरती, इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों ने डॉक्टरों व कर्मचारियों पर लगाया इलाज
में लापरवाही का आरोप
ऑक्सीजन निकाल दूसरे को लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत
बुलाने पर भी नहीं आया
कोई डॉक्टर
– नगर थाने की पुलिस पहुंच मामले को कराया शांत, परिजनों ने अधीक्षक को सौंपा शिकायती पत्र
मामला बेहद ही गंभीर है. शिकायती पत्र मिला है. इस मामले की जांच करायी जायेगी. जो भी कर्मी व डॉक्टर इस मामले में दोषी पाया जायेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
डाॅ एचएन झा, अस्पताल अधीक्षक
एमजेके हॉस्पिटल