27 अप्रैल को मुरली भरहवा गांव में होगा चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह

27 को आयेंगे सीएम, तैयारी जोरों पर चंपारण सत्याग्रह मुरली भरहवा गांव में है कार्यक्रम, तैयारियों में जुटे जिले के आला अधिकारी गौनाहा : सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के 27 अप्रैल को भरहवा पंडई नदी के किनारे खुले मैदान में शताब्दी समारोह के अवसर होने वाले वृहत कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने […]

27 को आयेंगे सीएम, तैयारी जोरों पर

चंपारण सत्याग्रह
मुरली भरहवा गांव में है कार्यक्रम, तैयारियों में जुटे जिले के आला अधिकारी
गौनाहा : सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के 27 अप्रैल को भरहवा पंडई नदी के किनारे खुले मैदान में शताब्दी समारोह के अवसर होने वाले वृहत कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम आरंभ कर दिया गया है.
चंपारण शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी भाग लेंगे. मुरली भरहवा की धरती को नमन करने के लिए वे स्वयं आ रहे हैं. रात दिन एक कर मंच एवं हैलीपैड का निर्माण चल रहा है. वहीं सड़को को दुरुस्त करने का काम भी किया जा रहा है. मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पंडई नदी में पीपा पुल का निर्माण किया गया है.
मुख्यमंत्री के सात निश्चय में शामिल हर घर को जल योजना से आच्छादित करने का काम किया जा रहा है. इधर, चंपारण शताब्दी वर्ष के अवसर पर मूरली भरहवा में बिहार के मुख्यमंत्री पहली बार आ रहे हैं. इससे गांव के लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है. प़ं राजकुमार शुक्ल की पावन धरती पर मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना पर यहां के स्थानीय लोग भी पलक पांवरे बिछाने की तैयारी में जुटे हैं. लोगों में उम्मीद है कि आजादी के दीवानों में शामिल पंडित शुक्ल के गांव को आजादी के बाद पहली बार विकास की रोशनी भी दिख रही है.
आजादी के 70 साल बाद गांव की दशा एवं दिशा बदलते देख गांव के बड़े-बुजुर्ग भी खुश हैं. आज भी यहां के किसान नीलहों की जगह मिलहों के चंगुल में फंसे हैं. आजादी के बाद से इस गांव में कुछेक सड़कों को छोड़ दिया जाये तो कुछ भी नहीं मिल पाया है. कुल मिला कर गांव में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. लोगों में उम्मीद है कि बिहार के मुखिया जब यहां आयेंगे तो कुछ न कुछ विकास की घोषणाएं करेंगे.
चंपारण सत्याग्रह
मुरली भरहवा गांव में है कार्यक्रम, तैयारियों में जुटे जिले के आला अधिकारी
गौनाहा : सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के 27 अप्रैल को भरहवा पंडई नदी के किनारे खुले मैदान में शताब्दी समारोह के अवसर होने वाले वृहत कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम आरंभ कर दिया गया है.
चंपारण शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी भाग लेंगे. मुरली भरहवा की धरती को नमन करने के लिए वे स्वयं आ रहे हैं. रात दिन एक कर मंच एवं हैलीपैड का निर्माण चल रहा है. वहीं सड़को को दुरुस्त करने का काम भी किया जा रहा है. मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पंडई नदी में पीपा पुल का निर्माण किया गया है.
मुख्यमंत्री के सात निश्चय में शामिल हर घर को जल योजना से आच्छादित करने का काम किया जा रहा है. इधर, चंपारण शताब्दी वर्ष के अवसर पर मूरली भरहवा में बिहार के मुख्यमंत्री पहली बार आ रहे हैं. इससे गांव के लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है. प़ं राजकुमार शुक्ल की पावन धरती पर मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना पर यहां के स्थानीय लोग भी पलक पांवरे बिछाने की तैयारी में जुटे हैं. लोगों में उम्मीद है कि आजादी के दीवानों में शामिल पंडित शुक्ल के गांव को आजादी के बाद पहली बार विकास की रोशनी भी दिख रही है.
आजादी के 70 साल बाद गांव की दशा एवं दिशा बदलते देख गांव के बड़े-बुजुर्ग भी खुश हैं. आज भी यहां के किसान नीलहों की जगह मिलहों के चंगुल में फंसे हैं. आजादी के बाद से इस गांव में कुछेक सड़कों को छोड़ दिया जाये तो कुछ भी नहीं मिल पाया है. कुल मिला कर गांव में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. लोगों में उम्मीद है कि बिहार के मुखिया जब यहां आयेंगे तो कुछ न कुछ विकास की घोषणाएं करेंगे.

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