भूख हड़ताल
बेतिया : चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष को भूमि अधिकार के संघर्षों का वर्ष बनाने के लिए भाकपा माले द्वारा दो दिवसीय भूमि अधिकार सत्याग्रह और भूख हड़ताल के कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार से आंरभ की गयी.
भूख हड़ताल का नेतृत्व खेग्रामस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद, भाकपा माले के क्रंदीय कमिटी सदस्य व राज्य एपवा की अध्यक्ष सरोजचौबे ,विधायक सुदामा प्रसाद समेत कई राष्ट्रीय व राज्य नेता शामिल हुए. भाकपा माले नेता सुनील राव ने बताया कि भूख हड़ताल में वैसे लोग भी शामिल हुए जो तीस वर्षों से अधिक समय से सीलिंग से फाजिल बेनामी गैरमजरुआ जमीन जोत आबाद करते रहे हैं. लेकिन उन्हें कानूनी मान्यता देने के बदले प्रशासन अपने फैसले को हाईकोर्ट का फैसला बताकर उनपर झूठे मुकदमे कर जमीन बेदखली के लिए चला रहा है. वहां के लोग अपनी जमीन पर कानूनी कान्यता और मुकदमा वापसी के लिए भूख हड़ताल पर है.
कार्यक्रम को भाकपा माले की केंद्रीय कमिटी सदस्य ऐपवा राज्य अध्यख सरोजचौबे, विधायक सुदामा प्रसाद, खेग्रामस राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, राज्य कमिटीसदस्य सुनील यादव, जिला सचिव अरुण कुमार, रामप्रताप पासवान, इंद्रदेव कुशवाहा, सीताराम राम, नंदकिशोर महतो, बैरिया मुखिया संघ के अध्यक्ष नवीन मुखिया, भाकपा पूर्वी चंपारण के जिला सचिव प्रभुदेव यादव, विष्णुदेव यादव, इंसाफ मंच के नेता महमूद आलम, ललिता देवी, सोना देवी, सैयद सहीमुदीन, शंभु प्रसाद सिंह आदि ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील कुमार राव ने की.
