रोष. मांगों को ले हड़ताल पर चल रहीं आंगनबाड़ी सेविकाअों का जेल भरो आंदोलन
बेतिया : अपनी मांगों को लेकर हड़ताल समेत अन्य आंदोलन पर उतारू आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने सोमवार को समाहरणालय के समक्ष पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दी. पूर्व घोषित जेल भरो आंदोलन के तहत आंगनबाड़ी सेविका एवंसहायिका सुबह से हीं समाहरणालय के समक्ष गोलबंद होने लगी. इस दौरान समाहरणालय के मुख्य द्वार समेत सड़क को भी अवरुद्ध कर दिया. जिससे यातायात ठप हो गया. करीब चार घंटे के बाद दोपहर में अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार एसडीपीओ संजय कुमार झा नगर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार के साथ पहुंची महिला पुलिस बल के जवानों ने उनके गिरफ्तार किये जाने की बात कही.
और सभी सेविका सहायिकाओं को कैम्प जेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में ले जाया गया. जहां से उन्हें मुक्त किया गया. इसके पूर्व बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी युनियन एवं बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका महासंघ (गोपगुट) के बैनर तले करीब दो हजार से अधिक सेविका सहायिका समाहरणालय पर पहुंची. जहां सरकार विरोधी नारे लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग करने लगी.
जाम में फंसे दर्जनों वाहन, भूख से बिलबिलाते रहे बच्चे : आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं के सड़क जाम किये जाने के कारण समाहरणालय चौक के दोनों किनारे दर्जनों वाहन जाम में फंसे रहे. जिस कारण स्कूल की छुट्टी के बाद घर जाने के लिए निकले बच्चे भी जाम में फंसे रहे. बसों पर सवार बच्चे भूख से बिलबिलाते रहे. जब दोपहर करीब 1.30 बजे के बाद सेविका सहायिकाओं की गिरफ्तारी की घोषणा हुई तब जाकर जाम समाप्त हुआ और आधे घंटे के बाद जाम हटा.
समाहरणालय का कामकाज भी हुआ बाधित : जेल भरो अभियान के दौरान गिरफ्तारी देने के लिए पहुंची सेविका सहायिकाओं के गेट जाम एवं सड़क जाम करने के कारण दोपहर तक समाहरणालय का काम काज भी बाधित रहा. समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम कर दिये जाने के कारण कोई भी कर्मी अंदर प्रवेश नही कर पाया था. जिस कारण समाहरणालय का कामकाज भी प्रभावित हुआ. यहां तक कि कोई अधिकारी भी दोपहर तक कार्यालय में नहीं पहुंच सका था.
बेलन व झाड़ू के साथ पहुंची थीं सेविका सहायिकाएं
जेल भरो अभियान के दौरान आंदोलन कर रहीं सेविका सहायिका समाहरणालय के समक्ष हाथों में बेलन और झाड़ू लेकर पहुंची थी. इस दौरान गिरफ्तारी में देर होते देख सेविका सहायिका आक्रोशित भी हो रही थी. लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किये जाने की बात सूनने के बाद वें शांत हुई.
प्रमुख मांगें : आंदोलन कर रही सेविका सहायिकाओं की प्रमुख मांगेा में कम से कम 18 हजार रुपया मानदेय करने, ठेका मानदेय की प्रथा समाप्त करने, बीमा पेंशन की व्यवस्था, पोषाहार राशि बाजार मूल्य के अनुसार देने आदि शामिल है.
ये कर रहे थे नेतृत्व : सेविका सहायिकाओं के जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व करनेवालो में गोपगुट के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पाठक, शशिकांत पांडेय, जीवन , अशोक चंद्रभूषण पांडेय, अंजू, अनुपमा देवी, पूजा देवी,गायत्री, अलका,विमला, विमला सिंह, अर्चना, ओमप्रकाश क्रांति,संध्या, अजय वर्मा, सुमन वर्मा स्नेह लता, पुष्पा, मीना, रंभा, बीनू, उषा, शीतल झा, गोदावरी, रीना, मंजू, प्रेमशीला आदि कर रही थी.
