पर्यावरण प्रेमियों व पर्यटकों के िलए अच्छी खबर
बगहा/हरनाटांड़/पटना : इंडो-नेपाल सीमा पर अवस्थित है वाल्मीकि टाइगर रिजर्व . यहां पहली बार वन विभाग की ओर से हवाई सेवा शुरू की जा रही है. संभावना है कि इस साल अक्तूबर से पटना एयरपोर्ट से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए 12 से 16 सीट की क्षमतावाला हेलीकॉप्टर सीधी उड़ान भरने लगेगा. इसके लिए दो-तीन निजी कंपनियों से सरकारी स्तर पर बात भी चल रही है.शुरुआती दौर में वन विभाग पर्यटकों की सुविधा के लिए अभी कम सीट वाली विमान सेवा शुरू करेगा. जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बड़े विमान चलाने पर भी विचार किया जायेगा. रोज हजारों की संख्या में देशी एवं विदेशी पर्यटक वाल्मीकिनगर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं ऐतिहासिक स्थलों को देखने के यहां आते हैं.वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का इकलौता टाइगर रिजर्व है.
पटना से आधे घंटे में आ सकेंगे पर्यटक
सड़क मार्ग की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण व एनएच 28 की खराब हालत की वजह से कारण पटना से वाल्मीकिनगर की 300 किलोमीटर की दूरी तय करने में पर्यटकों को 10 से 12 घंटे का वक्त लग जाता है. लेकिन, हवाई मार्ग सेवा शुरू होने के बाद से पर्यटक 30 मिनट में पटना से वाल्मीकिनगर पहुंच सकेंगे.
मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक का कहना है कि हवाई सेवा शुरू करने के लिए उच्च स्तर पर अधिकारियों की वार्ता चल रही है. कई हेलीकॉप्टर कंपनियों से भी बात हो रही है जैसे ही सहमति बनेगी, पर्यटकों के लिए हवाई सेवा शुरू कर दी जायेगी.वहीं वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक आरवी सिंह का कहना है पटना से वाल्मीकिनगर के लिए 12 से 16 सीटर हेलीकॉप्टर की सेवा पर काम चल रहा है. इससे देशी व विदेशी सैलानियों को वीटीआर तक लाया जायेगा.
