मेडिकल कॉलेज में छात्रों ने की तोड़फोड़ हाइकोर्ट में दायर याचिका पर फूटा आक्रोश

बेतिया : गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने गुरुवार की सुबह एमजेके हॉस्पिटल में जम कर तोड़फोड़ व हंगामा किया. छात्र मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में हॉस्पिटल कर्मचारियों की ओर से डाले गये व्यवधान व हाइकोर्ट में दायर याचिका को लेकर गुस्से में थे. उनका आरोप है कि भवन निर्माण शुरू हुआ है, […]

बेतिया : गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने गुरुवार की सुबह एमजेके हॉस्पिटल में जम कर तोड़फोड़ व हंगामा किया. छात्र मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में हॉस्पिटल कर्मचारियों की ओर से डाले गये व्यवधान व हाइकोर्ट में दायर याचिका को लेकर गुस्से में थे. उनका आरोप है कि भवन निर्माण शुरू हुआ है, लेकिन हॉस्पिटल कर्मचारी याचिका दायर कर निर्माण रोकने का प्रयास कर रहे हैं. इसको लेकर गुरुवार की सुबह छात्रों ने पहले हॉस्पिटल कर्मचारियों के आवास व अधीक्षक कक्ष में तोड़फोड़ की. बाद में ओपीडी ठप कर धरने पर बैठ गये

मेडिकल कॉलेज में
इधर, तोड़फोड़ से गुस्साये हॉस्पिटल कर्मचारी भी छात्रों पर कार्रवाई की मांग को लेकर इमरजेंसी सेवाएं बाधित कर दीं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे एसडीएम सुनील कुमार, एएसपी अभियान राजेश कुमार ने प्राचार्य से वार्ता की. इसके बाद प्राचार्य डॉ राजीव रंजन प्रसाद नाराज छात्रों व हॉस्पिटल अधीक्षक डाॅ एचएन झा अपने कर्मचारियों को समझाने में जुटे रहे. धरने पर बैठे मेडिकल छात्रों का कहना था कि काफी संघर्ष के बाद बिहार सरकार ने मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण शुरू कराया.
इधर एक माह से पुरानी बिल्डिंग को ठेकेदार की ओर से गिराया जा रहा है. हॉस्पिटल कर्मचारियों का आवास भी गिरा कर नये सिरे से बनाया जाना है. हॉस्पिटल कर्मचारियों की ओर से आवास खाली नहीं किया जा रहा है. निर्माण के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर कर दी गयी है. इससे निर्माण रूक सकता है. टेंडर भी रद्द हो सकता है. हम छात्र मेडिकल कॉलेज भवन को जल्द बनवाने के प्रयास में हैं, लेकिन हॉस्पिटल कर्मचारी ऐसा नहीं चाहते हैं. छात्रों ने कहा कि हॉस्पिटल कर्मचारियों की ओर से बार-बार निर्माण में लगे मजदूरों को रोका जा रहा है. उनके साथ बदसलूकी भी की जा रही है.
गुरुवार को भी मजदूरों को पुरानी बिल्डिंग को ढहाने से रोका गया. वहीं कर्मचारियों का कहना है कि हमारे आवास व कार्यालय की वैकल्पिक व्यवस्था के बाद ही तोड़ा जाय. छात्रों ने उदंडता की है. उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो. इसको लेकर घंटों मेडिकल छात्र व हॉस्पिटल कर्मचारी आमने-सामने रहे. सुबह आठ बजे से ही शुरू हुआ हंगामा दोहपर ढ़ाई बजे तक चलता रहा. बाद में प्राचार्य व अधीक्षक के आश्वासन पर दोनों गुट मान गये और धरना खत्म किया.
कोट…
.छात्रों से बात हुई है. उन्हें समझाया गया है. बिल्डिंग निर्माण में कोई बाधा नहीं आयेगी. छात्रों को आश्वस्त किया गया है. निर्माण में तेजी लाने की बात भी कही गयी है. हाइकोर्ट में दायर रिट पिटीशन के संदर्भ में कोई वार्ता नहीं की गयी है. इस वाद में मैं और हॉस्पिटल अधीक्षक पक्षकार हैं. हम अपना जवाब कोर्ट में प्रस्तुत कर देंगे. कोर्ट इस पर निर्णय देगा. डाॅ राजीव रंजन प्रसाद, प्राचार्य गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
कोट….जो भी हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. पूरी तरह से गलत है.
तोड़फोड़ व हंगामा करना इसका हल नहीं है. जो भी भवन खाली करना था, वह हॉस्पिटल की ओर से खाली कर दिया गया है. उसे ध्वस्त भी ठेकेदार की ओर से कराया जा रहा है. जहां तक हॉस्पिटल कर्मचारियों व डॉक्टरों के आवास खाली करने का मामला है, तो वह भी समय के अनुसार खाली करा दिया गया है. हाइकोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट की ओर से जवाब मांगा गया है. सकारात्मक जवाब भेजा जायेगा. ताकि निर्माण पर कोई असर या बाधा नहीं आये.
डाॅ एचएन झा, अधीक्षक एमजेके हॉस्पिटल
बाॅक्स
इमरजेंसी ठप होने
से मरीज की मौत
एमजेके अस्पताल में इमरजेंसी ठप होने से एक मरीज की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार मोतिहारी थाने के छतौनी निवासी साठ वर्षीय हीरालाल दास अपने रिश्तेदार बेतिया की बंगाली कॉलोनी में आये थे. पेट के रोग के कारण बुधवार को उनको अस्पताल में भरती कराया गया था. इधर, गुरुवार को दोपहर तीन बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिजन डॉक्टरों को खोजने लगे. मेडिकल सह एमजेके अस्पताल में उस समय कोई डाॅक्टर या कर्मी मौजूद नहीं था. इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गयी.

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