सभापति चैंबर में बैठे जनक सात मार्च को बुलायी नप बोर्ड की बैठक

बेतिया : नगर परिषद में सभापति पद को लेकर खींचतान एक बार फिर शुरू हो गयी है. अपनी बरखास्तगी पर हाइकोर्ट से अंतरिम राहत लेकर जनक साह सभापति पद का दावा कर रहे हैं. गुरुवार को बकायदे कोर्ट का आर्डर लेकर वह कुछ पार्षदों के साथ सभापति चैंबर में जाकर बैठ गये. कुरसी पर बैठ […]

बेतिया : नगर परिषद में सभापति पद को लेकर खींचतान एक बार फिर शुरू हो गयी है. अपनी बरखास्तगी पर हाइकोर्ट से अंतरिम राहत लेकर जनक साह सभापति पद का दावा कर रहे हैं. गुरुवार को बकायदे कोर्ट का आर्डर लेकर वह कुछ पार्षदों के साथ सभापति चैंबर में जाकर बैठ गये.

कुरसी पर बैठ उन्होंने कई निर्देश जारी किये. कार्यपालक पदाधिकारी को चिठ्ठी जारी कर जनक साह ने सात मार्च को नप बोर्ड की बैठक बुलाई है. इधर, सभापति रहे अनीस अख्तर इसे असंवैधानिक करार दे रहे हैं. इसको लेकर नगर परिषद में अजीब स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
सभापति चैंबर में कुरसी पर बैठे जनक साह ने बताया कि सात मार्च को पार्षदों की बैठक बुलायी गयी है. बैठक में नौ एजेंड पर चरचा होगी. इसमें गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, योजना की समीक्षा व क्रियान्वयन पर विचार, सफाई की समीक्षा, बजट की तैयारी पर चरचा, होल्डिंग टैक्स से आय, सैरात का बकाया आदि पर चरचा होगी.
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पिछले सभापति(अनीस अख्तर) के कार्यकाल के दौरान लिये गये फैसलों की जांच कराने पर बोर्ड की बैठक में चरचा की जायेगी. इस दौरान पार्षद इरशाद अख्तर दुलारे, नेहाल अहमद, पार्षद पति विनय बागी समेत अन्य मौजूद रहे. इधर, अनीस अख्तर ने बताया कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक हैं. वह निर्वाचित सभापति हैं. उनकी कुरसी पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि वे इस संदर्भ में कार्यपालक पदाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर जबरन उनके चैंबर में घुस कुरसी पर बैठने व सरकारी कार्य में बांधा उत्पन्न करने के आरोप में जनक साह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है. इस संदर्भ में इओ डा विपिन कुमार ने बात नहीं हो सकी. हालांकि सूत्रों ने बताया कि इओ इस मामले को लेकर विधिक सलाह लेने गये हैं.
क्या है मामला : शौचालय घोटाले के मामले में फंसे जनक साह को बीते साल अप्रैल माह में नगर विकास विभाग ने सभापति पद से बरखास्त कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ जनक साह हाइकोर्ट चले गये. इसी बीच नगर परिषद में सभापति पद पर हुए चुनाव में अनीस अख्तर सभापति निर्वाचित कर लिये गये. इधर, जनक साह की याचिका पर मामले की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रहने का आदेश देते हुए फिर से नगर विकास विभाग को मामले की जांच का आदेश दिया. हाइकोर्ट के आदेश पर नगर विकास विभाग ने फिर से जांच शुरू की. इस जांच के बाद फिर दुबारा सभापति जनक साह को नगर विकास विभाग ने बरखास्त कर दिया. जनक साह इस फैसले को भी हाइकोर्ट में चुनौती दे दी. अब कोर्ट ने 27 जनवरी की बरखास्तगी के आदेश पर रोक लगाते हुए जनक साह को अंतरिम राहत दी है.
खास बातें
अनीस अख्तर भी सभापति पद पर कर रहे अपना दावा, इओ से फोन कर प्राथमिकी कराने की कही बात
कानूनी सलाह लेने में जुटे कार्यपालक पदाधिकारी

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