बेतिया : मेडिकल कॉलेज के व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 2017-18 के नामांकन पर रोक लगेगी़ एमसीआइ ने प्राचार्य को पत्र भेजकर कमियां में सुधार करने का निर्देश दिया है़ यह भी कहा है कि अगर टीम की ओर निरीक्षण में जो कमी मिली है, उसमें सुधार नहीं हुआ तो नामांकन पर रोक लगायी जा सकती है़
एमसीआइ की टीम ने नवबर 2016 में औचक निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान आठ प्रकार की कमी पायी गयी थी. कमी पाये जाने के बाद टीम ने प्राचार्य को दिल्ली में बुलाकर सुधार करने का भी निर्देश दिया था़ उसके बाद 27 फरवरी को पत्र भेजा है़ कॉलेज प्रशासन की ओर से कमी को दूर नहीं किया जाता है तो 100 सीटों पर नामांकन पर रोक लग सकता है़ इस निर्देश के बाद कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप है. कॉलेज के प्राचार्य ने हर हाल में कमियों को दूर करने के लिए कॉलेज के सभी विभागाध्यक्ष एवं सक्षम पदाधिकारयों को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई का निर्देश जारी किया है.
उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए बेड की संख्याओं में भारी कमी है. सिटी स्कैन मशीन नहीं है. अन्य त्रुटियों में नर्सिंग कर्मचारियों की कमी, पोस्टल, पुस्तकालय समेत कई तरह के लैब आदि शामिल हैं. जाहिर है कि इनमें सुधार हुए बिना नामांकन की प्रक्रिया पर ग्रहण लग सकता है.
पहले भी लगी थी रोक
एमसीआइ ने वर्ष 2016-17 में भी निरीक्षण के दौरान इन कमियों को पाया था और तत्काल नामांकन पर रोक लगा दिया था. रोक हटाने के लिए सरकार एवं कॉलेज प्रशासन को स्वास्थ्य विभाग को पहल करनी पड़ी थी और एमसीआइ को शीघ्र कमियों को दूर करने के आश्वासन पर रोक हटायी गयी थी. इधर अब तक कमियों में सुधार नहीं होने से एमसीआइ ने कड़ा रूख अख्तियार की है.
