सामाजिक न्याय के नाम पर हो रही ठगी

अारोप. माले ने राज्य व केंद्र पर किया प्रहार बेतिया : भाकपा माले ने कहा है कि नीतिश सरकार द्वारा दलितों-गरीबों पर उत्पीड़न करनेवाली सामंती ताकतों व माफियाओं के संरक्षण ने बिहार के गरीबों में भारी जन आक्रोश पैदा किया है. बिहार के गरीब सामाजिक न्याय के नाम पर 26 वर्षों से ठगे जा रहे […]

अारोप. माले ने राज्य व केंद्र पर किया प्रहार

बेतिया : भाकपा माले ने कहा है कि नीतिश सरकार द्वारा दलितों-गरीबों पर उत्पीड़न करनेवाली सामंती ताकतों व माफियाओं के संरक्षण ने बिहार के गरीबों में भारी जन आक्रोश पैदा किया है. बिहार के गरीब सामाजिक न्याय के नाम पर 26 वर्षों से ठगे जा रहे है. वर्तमान समय मे भाजपा नीतीश सरकार की नोटबंदी और नशाबंदी की युगलबंदी ने तमाम तरह की सामंती अपराधी ताकतों का गंठजोड़ कायम किया है, जिसने गरीबों को जमीन पर से बेदखल करने के लिए हत्या, हमला, बलात्कार का अभियान चला रखा है.
अल्पसंख्यकों पर छपरा, बिहारीगंज आदि जगहों पर हमले कर लूट-पाट की घटनाएं की गयी हैं. हाजीपुर अंबेडकर छात्रावास में डीका की बलात्कार के बाद हत्या ने यह साबित कर दिया है कि नीतीश सरकार दलितों को शिक्षा से भी वंचित कर रही है. भाकपा माले के राज्य समिति सदस्य व खेग्रामस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा है कि टॉपर घोटाले के बाद कर्मचारी चयन आयोग के परीक्षा पेपर लीक मामले ने मध्यप्रदेश के भाजपा राज में हुए व्यापमं घोटाले की याद ताजा कर दिया है. यह गरीबों दलितों को शिक्षा, रोजगार और कार्यालय से वंचित करने की कार्रवाई है. रसोइया,
आशा, विकासमित्र आंगनबाड़ी, शिक्षक के समान काम का समान वेतन के अधिकार का संघर्ष तेज है. बिहार के जन जन की पुकार, शिक्षा, रोजगार, भूमि सुधार बना हुयी है. इसके लिए बिहार को वामपंथी विकल्प की जरूरत है. ऊपर से मोदी सरकार की नोटबंदी ने बाहर जाकर काम कर रहे लोगों को अपने गांवो में लौटने को मजबूर कर दिया. ऐसी स्थिति में 19 फरवरी को भाकपा माले की ऐतिहासिक अधिकार रैली बिहार में नये राजनीतिक विकल्प के निर्माण का रास्ता खोलेगी . पश्चिम चम्पारण से रैली में 5000 से अधिक लोग भाग लेंगे.
बेतिया : बेनामी संपत्ति का खुलासा करने एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ जन अधिकार पार्टी की ओर से शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया गया. पार्टी के जिलाध्यक्ष यादवेंद्र यादव ने कहा कि देश में कई भूस्वमियों द्वारा बेनामी संपत्ति पर अवैध रुप से कब्जा जमाया गया है. उसका खुलासा कर सरकार को उसे सार्वजनिक संपत्ति घोषित करनी चाहिए और शिक्षा की दिशा में सुचारु रुप से सुधार किया जाय.
वक्ताओं ने बीएसएससी में प्रश्न पत्र लिक मामले कीसीबीआई जांच की मांग करते हुए इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. वहीं जिला अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरमान अंसारी ने राज्य स्तर पर समान शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को समान से लागू करने की मांग की. उनहोंने कहा कि आज बापू केसपनों को पंचायती राज व्यवस्था में मजाक बनाया जा रहा है. महात्मा गांधी ने स्वरोजगार गारंटीयोजना में नियमित रुप से 100 दिन मजदूर को रोजगार दिया जाना है. जबकि इस योजना में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है. प्रखंडो में मनरेगा के नाम पर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है. जिले में जनवितरण व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. गरीबों का हक मारा जा रहा है. बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की मिलीभगत से केंद्रों पर अनियमितता बरती जा रही है. धरने को रवींद्र मिश्र, परशुराम मिश्र, श्यामबिहारी यादव, विजय कुमार राउत शंकर यादव, देवेंद्र सिंह, भुषण चौधरी मुस्लिम मियां धनंजय चौबे राजन मिश्रा, कृष्णा कुमार ठाकुर, रामचंद्र प्रसाद धनेश पंडि़त, चिंता देवी, शांति देवी, राजपति देवी, फुलकली देवी, सुमन देवी, परवीन पांडेय आदि ने भी संबोधित दिया.

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