बेतिया : पिछले चार दिनों से जाम से जूझ रहे शहर के लिए गुरुवार का दिन भी भारी गुजरा. गुरुवार को जाम का आलम ऐसा रहा कि पैदल चलना भी दूभर हो गया था़ शहर के आइसीआइसीआइ बैंक से लेकर बाजार समिति एनएच 28 बी तक जाम की समस्या से दिनभर लोग हांफते रहे. दोपहर में तो यह नौबत आ गयी कि अपने कार्यालय से आवास जाने के लिए निकले जिलाधिकारी भी जाम के कारण करीब आधे घंटे तक समाहरणालय परिसर में ही खड़े रहे. आम से लेकर खास तक जाम के आगे बेबस दिखे.
चार घंटे जाम के झाम में हांफता रहा शहर का ट्रैफिक
बेतिया : पिछले चार दिनों से जाम से जूझ रहे शहर के लिए गुरुवार का दिन भी भारी गुजरा. गुरुवार को जाम का आलम ऐसा रहा कि पैदल चलना भी दूभर हो गया था़ शहर के आइसीआइसीआइ बैंक से लेकर बाजार समिति एनएच 28 बी तक जाम की समस्या से दिनभर लोग हांफते रहे. दोपहर […]

वहीं जाम से निजात के लिए पुलिसकर्मी दिनभर पसीना बहाते रहे़ बावजूद इसके जाम का रुप इतना विकराल था कि उनके लाख प्रयास के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी. गुरुवार की जाम में पैदल यात्रियों के साथ ही साइिकल , मोटरसाइिकल व छोटी-बड़ी अन्य गाड़ियां भी बेतरतीब ढंग से फंसी रहीं. जाम की समस्या से जहां स्कूली बच्चे भूख से बिलबिलाते रहे, वहीं इंटर परीक्षार्थियों को भी केंद्र तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. जाम के कारण तो कई यात्रियों का ट्रेन भी छूट गयी.
वहीं अस्पताल जानेवाले मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी.
यातायात नियमों की अनदेखी बन रहा जाम का कारण : शहर में आये दिन उत्पन्न हो रहे जाम की समस्या का मुख्य कारण यातायात नियमों की अनदेखी है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करते हैं जिससे अक्सर जाम लग जाता है़
खासकर बाइक सवार व टेंपो चालकों की मनमानी तो देखते ही बनती है. जहां कहीं से भी थोड़ी सी जगह दिखायी दे दी, इनके द्वारा अपने वाहनों को वहां लगा दिया जाता है . परिणाम स्वरुप सामने से आ रहे वाहन चालकों को आगे निकलने में परेशानी होती है. देखते-देखते भर में वहां जाम लग जाता है और उसे हटने में घंटों का वक्त बीत जाता है.
चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस भी नहीं करती है कोई कार्रवाई
शहर में यातायात को सुचारु एवं सही करने के मकसद से पुलिस अधीक्षक द्वारा कई प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. लेकिन उनके निर्देशों के पालन करने का असर किसी भी वाहन चालक पर असर नहीं पड़ता है. वे रोकने या साइड से चलने का इशारा करते हैं बावजूद इसके वाहन चालक उनके निर्देशों की अनदेखी कर अपना वाहन आगे बढ़ा देते हैं. हालांकि इन जवानों का अप्रशिक्षित होना भी जाम के लिए कभी-कभी भूमिका िनभा रहा होता है़
अवैध पार्किंग से जाम की समस्या हुई विकराल : शहर के कुछ इलाकों में अवैध अतिक्रमण को हटा कर सड़कें तो चौड़ी कर दी गयीं हैं. लेकिन इन सड़कों पर अवैध पार्किंग भी जाम की समस्या को और विकराल बना रहा है. यही नहीं शहर के मुख्य सड़कों पर जहां -तहां खड़े टेंपो व तांगा के अलावा निजी चार पहिया वाहनों की वजह से भी जाम की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल होती जा रही है.
शहर में नहीं है वेंडर जोन : शहर में ठेला खोमचावालों के लिए कोई वेंडर जोन नहीं रहने के कारण शहर के कई मुख्य मार्गों पर वे मनमाने ढंग से अपना ठेला लगाकर फल, सब्जियों एवं अन्य सामानों की बिक्री करते हैं़ परिणामस्वरुप जिन वाहनों को सड़क के एक किनारे पार्क होना चाहिए उन जगहों पर तो पूर्व से ठेलावालों का कब्जा होने के कारण वाहन चालक अपना वाहन सड़क पर ही लगा देते है.