बेअसर. सलाखों के भीतर गये 680 पियक्कड़, फिर भी थम नहीं रहा शराब का धंध
बेतिया : उत्तर प्रदेश व नेपाल में बैठे सरगनाओं के बूते जिले में शराब का धंधा बंद नहीं हो पा रहा है. पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारियों का दावा कर रही है और एसएसबी भी शराबियों की धरपकड़ में जुटी है. गिरफ्तारियां भी की जा रही हैं. शराब भी बरामद हो रही है. बावजूद इसके शराब मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा है. वह भी तब जब कड़ा कानून लागू है.
अप्रैल से अबतक 680 आरोपी सलाखों के भीतर पहुंचाये जा चुके हैं. 1733 छापेमारियां हुई है और 601 मुकदमे दर्ज किये गये हैं. विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पुलिस व उत्पाद के हत्थे चढ़ रहे आरोपी या तो छोटे-मोटे कारोबारी हैं या फिर चंद पैसों के लिए कैरियर का काम करने वाले प्यादे हैं. जिन्हें पुलिस गिरफ्तार कर अपना पीठ थपथपा रही है. जबकि सूत्र बताते हैं कि शराबबंदी के बाद से ही इसका पूरा नेटवर्क बन गया है. इसके सरगना नेपाल और उत्तर प्रदेश में बैठकर इसे संचालित कर रहे हैं.
शराब की खरीद-फरोख्त से लेकर उसे मंजिल तक पहुंचाने और फिर उसे डिलीवर करने तक के लिए अलग-अलग विश्वास पात्र लोगों को रखा गया है. जो पूरी चालाकी से शराब के धंधे में जुटे हैं. इसमें बकायदा सभी का हिस्सा तय है. 100 रुपये के कीमत की शराब के 300 से 400 रुपये वसूले जाते हैं. हालत यह है कि शराब पकड़े जाने के मामले अब आम हो गये हैं. सूत्रों की माने तो इस नेटवर्क से जुड़े कारोबारी शहर में शराब की होम डिलीवरी भी कर रहे हैं. रसूखदारों के घर तक शराब पहुंचाये जा रहे हैं.
बना विशेष न्यायालय, अब होगी सुनवाई: शराब से जुड़े के मामलों की सुनवाई जल्द ही शुरू होने वाली है. बताया जा रहा है कि षष्टम जिला जज की कोर्ट को विशेष न्यायालय बनाया गया है, जहां शराब से जुड़े मामलों का विचारण होगा. इसको लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इसके बाद संशोधित उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज किये गये मामलों में अभियुक्तों को सजा का ऐलान हो सकेगा.
अब तक हुई कार्रवाई पर एक नजर
माह छापेमारी गिरफ्तारी मुकदमा
अप्रैल 02 22 18
मई 151 57 57
जून 125 56 53
जुलाई 207 71 70
अगस्त 229 84 74
सितंबर 212 79 64
अक्तूबर 182 69 57
नवंबर 162 76 60
दिसंबर 192 85 72
जनवरी 171 81 76
पुलिस शराब की हर गतिविधि पर नजर बनाये रखी हुई है. जहां से भी सूचनाएं मिलती हैं तत्काल छापेमारी की जाती है. उत्पाद विभाग में कंट्रोल रूम में भी बना है. शराब के मामले में हर रोज कार्रवाई हो रही है.
राजेश कुमार, एएसपी अभियान
