समानता, समरसता युक्त समाज चाहते थे रविदास

मैनाटांड़ : संत कुलभूषण कवि रविदास उन महान संतो में अग्रणी थे. जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान किया. उक्त बातें मैनाटांड़ अंचलाधिकारी नितेश कुमार ने मैनाटांड़ बाजार में तीन दिवसीय रविदास भव्य शोभा यात्रा के समापन समारोह में कही. उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं […]

मैनाटांड़ : संत कुलभूषण कवि रविदास उन महान संतो में अग्रणी थे. जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान किया. उक्त बातें मैनाटांड़ अंचलाधिकारी नितेश कुमार ने मैनाटांड़ बाजार में तीन दिवसीय रविदास भव्य शोभा यात्रा के समापन समारोह में कही.

उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं की विशेषता लोक वाणी का अद्भुत प्रयोग रहा है. वहीं पुअनि हरिभूषण राम ने कहा कि रविदास ऐसे समाज का निर्माण चाहते थे, जिसमें करुणा भाईचारा समानता समरसता व कल्याण हो. मुखिया अशोक कुमार राम ने उनके बताये रास्ते पर चलने का आह्वान किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दलित महापंचायत के आमीलाल रविदास ने कहा कि इस रथ यात्रा का उद्देश्य है कि समाज में जागृति फैले. और संत रविदास के उदेश्यों को जनजन तक पहुंचाना है. जिले के सभी प्रखंडों से रथ यात्रा पहुंचा था. इससे पूर्व संत रविदास के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक शिवपूजन राम ने किया.
वहीं सतनाम बाबा, अवधेश राम, सुरेश कुमार राम, बासुदेव बाबा आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर मदन मोहन बौद्ध, दशरथ रजा, योगेंद्र यादव, अरविंद राम राजवंशी राम रामपति मांझी, श्रवण राम आदि भी उपस्थित रहे.
रथ यात्रा
मैनाटांड़ में हुआ संत रविदास की भव्य शोभारथ यात्रा का समापन
रथ यात्रा का उद्देश्य है समाज में जागृति फैले

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >