यौनाचार में युवक को दस वर्ष की सजा

बेतिया : बेतिया के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरआर सहाय ने अप्राकृतिक यौनाचार के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एक को दोषी पाकर पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है़ साथ ही साथ दस हजार अर्थदंड की सजा सुनायी है. अर्थदंड की राशि को पीडि़त बच्चें को देने का आदेश दिया है. […]

बेतिया : बेतिया के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरआर सहाय ने अप्राकृतिक यौनाचार के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एक को दोषी पाकर पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है़ साथ ही साथ दस हजार अर्थदंड की सजा सुनायी है. अर्थदंड की राशि को पीडि़त बच्चें को देने का आदेश दिया है.

सजा प्राप्त आरोपी विमल राव शिकारपुर थाना के डीके शिकारपुर का निवासी है़ बताया जाता है कि 11 मई 2012 को सुबह 8 बजे विमल राव ने अपने ही गांव के नाबालिग एक लड़के को बहला फुसलाकर बगीचा में ले जाकर उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार की घटना को अंजाम दिया. इस मामले में पीडि़त के पिता के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान करते हुए विमल के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया था. इसी मामले में सुनवाई पुरी करते हुए न्यायिक दंडाधिकारी ने विमल को दोषी पाकर पांच वर्ष की सजा सुनाते हुए दस हजार के अर्थदंड की भी लगाया है.

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